Mahashivratri 2025 Greetings: हैप्पी महाशिवरात्रि! इन मनमोहक WhatsApp Stickers, HD Images, GIF Wallpapers को भेजकर दें अपनों को बधाई
महाशिवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

Mahashivratri 2025 Greetings in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का त्योहार मनाया जाता है. इस साल 26 फरवरी 2025 को महादेव (Mahadev) को समर्पित यह महापर्व मनाया जा रहा है. महाशिवरात्रि इस बार बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इस पावन तिथि पर सूर्य, बुध और शनि एक साथ कुंभ राशि में स्थित रहेंगे. करीब 149 साल बाद इन तीन ग्रहों की युति और महाशिवरात्रि का संयोग बन रहा है. ऐसी मान्यता है कि ग्रहों के दुर्लभ योग में शिव जी की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी हो सकती हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन भगवान शिव (Bhagwan Shiv) और माता पार्वती (Mata Parvati) का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए इसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है. इस दिन शिवलिंग का पूजन करने से व्यक्ति की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है.

शिवलिंग भगवान शिव का दिव्य और चैतन्य स्वरूप है, जिसे ब्रह्मांड के सृजन, पालन और संहार शक्ति का प्रतीक माना जाता है. शिवलिंग की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है, जीवन में भौतिक व आध्यात्मिक सुखों के साथ शांति और समृद्धि आती है. इस पावन अवसर पर आप इन मनमोहक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप स्टिकर्स, एचडी इमेजेस, जीआईएफ वॉलपेपर्स को भेजकर अपनों से हैप्पी महाशिवरात्रि कह सकते हैं.

1- ‎महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं

महाशिवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

2- महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई

महाशिवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

3- हैप्पी महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

4- शुभ महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

5- महाशिवरात्रि 2025

महाशिवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, बेलपत्र और धतुरे से शिवलिंग का अभिषेक करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं. इस दिन चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है. पहले प्रहर में की जाने वाली पूजा से स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है, जबकि दूसरे प्रहर में पूजा करने से धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. तीसरे प्रहर में पूजा करने से मनोकामना पूर्ति और संतान सुख का वरदान मिलता है. मोक्ष की कामना और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए चौथे प्रहर में पूजा करना फलदायी माना जाता है.