Maharana Pratap Punyatithi 2026 Quotes In Hindi: हर साल 19 जनवरी को राजस्थान स्थित मेवाड़ के महान राजपूत राजा महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि (Maharana Pratap Punyatithi) मनाई जाती है. भारत के गौरवशाली इतिहास में महाराणा प्रताप सिंह (Maharana Pratap) का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. उन्हें वीर सम्राट, साहसी योद्धा, महान राष्ट्रभक्त और पराक्रमी राजा के तौर पर जाना जाता है. इतिहास के पन्नों में महाराणा प्रताप की वीरता और शौर्यगाथा से जुड़े कई किस्से प्रचलित हैं, जिनमें हल्दी घाटी की लड़ाई से जुड़े किस्से का भी जिक्र मिलता है... कहा जाता है कि महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शासन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं था. ऐसे में जब महाराणा प्रताप ने मुगल बादशाह अकबर की अधीनता में मेवाड़ का शासन चलाने से इनकार कर दिया, तब 18 जून 1576 को हल्दी घाटी में युद्ध छिड़ गया. इस युद्ध में महाराणा प्रताप अपनी छोटी सी सेना के साथ अकबर की विशाल सेना से लड़ रहे थे, छोटी सी सेना होने के बावजूद न तो महाराणा प्रताप इस युद्ध में हारे थे और न ही अकबर इस युद्ध को जीत सका था.
मेवाड़ के वीर योद्धा और महान राजा महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ में हुआ था, जबकि उनका निधन 19 जनवरी 1597 को हुआ था. ऐसे में उनकी पुण्यतिथि पर लोग उनके वीरता के किस्सों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. ऐसे में आप इन 10 महान विचारों और कोट्स को शेयर करके महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.










महाराणा प्रताप के पिता का नाम उदय सिंह द्वितीय और माता का नाम महारानी जयवंता बाई था. मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप राजनीतिज्ञ, कुटनीतिज्ञ, मानसिक और शारीरिक क्षमता में अद्वितीय थे. वो मेवाड़ के एक ऐसे महान योद्धा और युद्ध रणनीति में कुशल राजा थे, जिन्होंने कई बार मुगलों के हमलों से मेवाड़ और मेवाड़ की जनता की रक्षा की थी. कहा जाता है कि उनके जीवन में कई विकट परिस्थितियां आईं, लेकिन उन्होंने कभी भी अपना सिर किसी दुश्मन के आगे झुकने नहीं दिया.













QuickLY