Lal Bahadur Shastri Jayanti 2025 Messages: हैप्पी शास्त्री जयंती! इन हिंदी WhatsApp Wishes, Quotes, GIF Greetings के जरिए दें बधाई
शास्त्री जी एक ऐसे महान व्यक्तित्व वाले शख्सियत थे, जिनका सम्मान उनकी पार्टी के अलावा विपक्षी पार्टियां भी करती थीं. महज 16 साल की उम्र में ही वे गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए और इसके बाद कई आंदोलनों में शामिल होने की वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा. शास्त्री जयंती के इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को बधाई दे सकते हैं.
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2025 Messages in Hindi: गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के साथ-साथ हर साल 2 अक्टूबर को आजाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी भी जयंती (Lal Bahadur Shastri Jayanti) मनाई जाती है. लाल बहादुर शास्त्री ने कृषि क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था. शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुगलसराय में हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी जयंती मनाई जाती है. देश के दूसरे प्रधानमंत्री की कमान संभालने वाले शास्त्री जी सादा जीवन और उच्च विचार रखने वाले महान व्यक्ति थे, जो जीवन भर अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे. इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें जेल जाना पड़ा था. बताया जाता है कि एक बार उनकी पत्नी जब उनसे मिलने के लिए जेल पहुंचीं तो उनके लिए दो आम छुपाकर ले गई थीं. जेल प्रशासन से छुपाकर आम लाने पर वे अपनी पत्नी पर क्रोधित हो गए और उन्होंने पत्नी से कहा कि कैदियों का आम जनता की तरह भोजन करना गलत है.
शास्त्री जी एक ऐसे महान व्यक्तित्व वाले शख्सियत थे, जिनका सम्मान उनकी पार्टी के अलावा विपक्षी पार्टियां भी करती थीं. महज 16 साल की उम्र में ही वे गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए और इसके बाद कई आंदोलनों में शामिल होने की वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा. शास्त्री जयंती के इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को बधाई दे सकते हैं.





गौरतलब है कि सन 1964 में लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने थे और उसके अगले साल यानी 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया था. भारत-पाक युद्ध के दौरान भयंकर सूखे के चलते शास्त्री जी ने देशवासियों से एक दिन उपवास रखने की अपील की थी. इसके बाद उन्होंने 10 जनवरी 1966 को ताशकंद में पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर करार किया. हालांकि इस करार के 12 घंटे बाद ही यानी 11 जनवरी को अचानक उनका निधन हो गया, जिसे लेकर आज भी रहस्य बरकरार है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2025 06:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

