Jitiya Vrat Nahay Khay 2025 Wishes: जितिया व्रत नहाय-खाय के इन WhatsApp Stickers, HD Images, GIF Greetings, Wallpaper के जरिए दे शुभकामनाएं
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को नहाय-खाय के दिन महिलाएं स्नान-ध्यान करके जीमूतवाहन जी की पूजा करती हैं, इसके बाद भोजन ग्रहण करती हैं. इस दिन मडुआ की रोटी और नोनी की साग खाई जाती है, साथ ही दही-चूड़ा भी खाया जाता है. जितिया नहाय-खाय की आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, एचडी इमेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Jitiya Vrat Nahay Khay 2025 Wishes in Hindi: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में जहां पितृ पक्ष (Pitru Paksha) के दौरान पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है तो वहीं शुक्ल पक्ष में शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) का त्योहार मनाया जाता है. इसके साथ ही पितृ पक्ष के दौरान जितिया (Jitiya) यानी जीवितपुत्रिका व्रत (Jivitputrika) का पर्व भी मनाया जाता है. इस व्रत को विवाहित महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए करती हैं, जिसकी शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया पर्व मनाया जाता है और इस साल यह तिथि 14 सितंबर को पड़ रही है. इस व्रत की शुरुआत सप्तमी तिथि यानी 13 सितंबर को नहाय-खाय के साथ हो जाएगी. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत नेपाल के कई हिस्सों में मनाए जाने वाले इस पर्व में महिलाएं निर्जल व्रत रखकर अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं.
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को नहाय-खाय के दिन महिलाएं स्नान-ध्यान करके जीमूतवाहन जी की पूजा करती हैं, इसके बाद भोजन ग्रहण करती हैं. इस दिन मडुआ की रोटी और नोनी की साग खाई जाती है, साथ ही दही-चूड़ा भी खाया जाता है. जितिया नहाय-खाय की आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, एचडी इमेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.





नहाय-खाय के अगले दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा कर अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. व्रत की शुरुआत करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर महिलाएं सरगी खाती हैं, इसके बाद स्नान करके व्रत का संकल्प लेती हैं. इस दिन शाम को व्रती महिलाएं अग्रदेव, भगवान गणेश और माता पार्वती की पूजा करती हैं, साथ ही इस दौरान जीमूतवाहन की कथा पढ़ी या सुनी जाती है. पूजन के दौरान खीरा, पेड़ा, चना, लौंग, इलाइची और पान-सुपारी सहित कई पूजन सामग्रियां अर्पित की जाती हैं, फिर अगले दिन सूर्योदय के बाद इस व्रत का पारण किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

