Govardhan Puja 2025 Messages: हैप्पी गोवर्धन पूजा! प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Quotes
गोवर्धन पूजा के दिन गाय के गोबर से घर-आंगन में गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है, फिर विधि-विधान से उसकी पूजा की जाती है और 56 प्रकार के व्यंजनों को भोग अर्पित किया जाता है, साथ ही पर्व की शुभकामनाएं दी जाती हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और कोट्स के जरिए प्रियजनों से हैप्पी गोवर्धन पूजा कह सकते हैं.
Govardhan Puja 2025 Messages in Hindi: हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) का विशेष महत्व बताया जाता है, जिसे दीपावली (Deepawali) के अगले दिन मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है और यह तिथि इस साल 22 अक्टूबर 2025 को पड़ रही है. यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के कोप से बचाने की कथा की याद दिलाता है. गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन श्रीकृष्ण को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं. इस दिन लोग अपने घरों और आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाते हैं, जिसकी विधि-विधान से पूजा की जाती है. मान्यता है कि गाय का गोबर पवित्र होता है और यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है.
प्रचलित पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण ने देखा कि ब्रजवासी भगवान इंद्र की पूजा की तैयारी कर रहे हैं. कृष्ण जी ने उनसे कहा कि इंद्र की नहीं, बल्कि गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, क्योंकि वही उन्हें उपजाऊ भूमि, जल, घास और सुरक्षा प्रदान करता है. श्रीकृष्ण की बात मानकर ब्रज के लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे, जिससे इंद्र देव क्रोधिक हो गए और उन्होंने मूसलाधार बारिश शुरु कर दी. तब श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर पर्वत को उठा लिया और ब्रजवासियों को उसकी छाया में शरण दी. उसी घटना के बाद से यह पर्व मनाया जाने लगा.





गोवर्धन पूजा के दिन गाय के गोबर से घर-आंगन में गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है, फिर विधि-विधान से उसकी पूजा की जाती है और 56 प्रकार के व्यंजनों को भोग अर्पित किया जाता है, साथ ही पर्व की शुभकामनाएं दी जाती हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और कोट्स के जरिए प्रियजनों से हैप्पी गोवर्धन पूजा कह सकते हैं.
गोवर्धन पर्वत की पूजा सुबह या शाम के समय की जाती है. इस दिन गायों की पूजा करते हुए उन्हें गुड़ और चारा खिलाना चाहिए. इस दिन दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. गोबर से बने गोवर्धन पर्वत की पूजा सिर्फ धार्मिक नजरिए से ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी लाभकारी मानी जाती है. गोबर में प्राकृतिक जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2025 06:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

