Mumbai Lalbaugcha Raja Live Darshan: मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में आज, 27 अगस्त 2025 से गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) की धूम शुरू हो रही है। यह 10 दिन तक चलने वाला पर्व 6 सितंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें मुंबई में गणपति बप्पा के उत्सव की रौनक देखने को मिलेगी. इस दौरान बाजारों में भी गणेशोत्सव को लेकर खरीदारी का उत्साह चरम पर होगा. मुंबई में सबसे प्रसिद्ध और मनोकामना पूर्ण करने वाले गणपति के रूप में लालबागचा राजा की मूर्ति को माना जाता है। इस मूर्ति के दर्शन के लिए नेताओं, अभिनेताओं, वीआईपी और आम भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है.
लालबागचा राजा का लाइव दर्शन
यदि कोई भक्त लालबागचा राजा के दर्शन के लिए भीड़ में नहीं पहुंच पाता, तो उनके लिए लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई है. भक्त घर बैठे लालबागचा राजा के दर्शन कर सकते हैं. लाइव दर्शन की सुविधा निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है. यह भी पढ़े: Happy Ganesh Chaturthi 2025: देशभर में आज से गणेश चतुर्थी की धूम, PM मोदी ने लोगों को दी गणपति बप्पा मोरया की शुभकामनाएं
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लाइव दर्शन 24x7 उपलब्ध है, जिससे देश-विदेश के भक्त इस उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं. इसके अलावा, भक्त ऑनलाइन प्रसाद भी बुक कर सकते हैं, जो उनके घर तक पहुंचाया जाता है.
लालबागचा राजा का इतिहास
लालबागचा राजा की स्थापना 1934 में हुई थी। उस समय लालबाग (तब गिरनगांव के नाम से जाना जाता था) में पेरु चॉल बाजार बंद होने से कोली मछुआरों और स्थानीय व्यापारियों को अपनी आजीविका के लिए संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की कि यदि उनका बाजार दोबारा स्थापित हो जाए, तो वे उनके सम्मान में एक सार्वजनिक उत्सव शुरू करेंगे। उनकी प्रार्थना पूरी हुई और 12 सितंबर 1934 को, कुंवरजी जेठाभाई शाह, श्यामराव विष्णु बोधे, वी.बी. कोरगांवकर, रामचंद्र तावटे, नखवा कोकम मामा, भाऊसाहेब शिंदे, यू.ए. राव और स्थानीय निवासियों के सहयोग से, जमींदार रजबाई तय्यबाली ने बाजार के लिए एक भूखंड प्रदान किया। इसके प्रति कृतज्ञता में कोली समुदाय और व्यापारियों ने लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सवमंडल की स्थापना की और पहली गणेश मूर्ति की स्थापना की.
कांबली परिवार 1935 से बना रहा है यह मूर्ती
यह मूर्ति, जिसे नवसाचा गणपति (इच्छा पूर्ण करने वाला गणपति) कहा जाता है, तब से मुंबई की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक बन गई है। मूर्ति की ऊंचाई लगभग 18-20 फीट है और इसे कांबली परिवार द्वारा 1935 से बनाया जा रहा है। इस परिवार की कई पीढ़ियों, जैसे रत्नाकर कांबली सीनियर, वेंकटेश कांबली, रत्नाकर कांबली जूनियर और अब संतोष कांबली, ने इस परंपरा को जीवित रखा है.
दर्शन की व्यवस्था
लालबागचा राजा के दर्शन के लिए दो मुख्य कतारें हैं:
दर्शन का समय
दर्शन का समय प्रतिदिन सुबह करीब 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक है. भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी या देर रात दर्शन के लिए जाना बेहतर है. वीआईपी दर्शन के लिए पास उपलब्ध हैं
कैसे पहुंचें
लालबागचा राजा पंडाल लालबाग मार्केट, परेल, मुंबई में स्थित है. इसे निम्नलिखित तरीकों से पहुंचा जा सकता है:
नजदीकी रेलवे स्टेशन:
चिंचपोकली (सेंट्रल लाइन): 10 मिनट की पैदल दूरी
भायखला (सेंट्रल लाइन): 10-15 मिनट की पैदल दूरी
करी रोड (सेंट्रल लाइन): 10-15 मिनट की पैदल दूरी
लोअर परेल (वेस्टर्न लाइन): 20-25 मिनट की पैदल दूरी या 5-10 मिनट की ऑटो रिक्शा यात्रा
सड़क मार्ग: टैक्सी, ओला, उबर या बीईएसटी बसों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन भारी ट्रैफिक और डायवर्जन की संभावना रहती है. पार्किंग लगभग असंभव है, इसलिए दूर पार्क करके पैदल पहुंचना बेहतर है.
मुंबई के अन्य प्रसिद्ध गणपति पंडाल
मुंबई में लालबागचा राजा के अलावा अन्य प्रसिद्ध गणपति पंडाल भी हैं, जैसे:
मुंबईचा राजा (गणेश गली)
खेतवाडीचा गणराज: 13 परस्पर जुड़े पंडालों के लिए प्रसिद्ध
अंधेरीचा राजा
जीएसबी सेवा मंडल: सोने के आभूषणों से सजा गणपति
इन पंडालों के दर्शन के लिए भी भक्त उमड़ते हैं, और कई जगह लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध है.













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