Diwali 2020: वास्तु शास्त्र के इन नु्स्खों को अपनाएं माता लक्ष्मी की कृपा बरसेगी!
कार्तिक मास के आगमन के साथ ही दीपोत्सवी महापर्व की तैयारी शुरु हो चुकी है. घर-घर में माता लक्ष्मी के स्वागतार्थ सफाई-रंगाई-पुताई का काम चल रहा है. सभी की कोशिश यही होती है कि इस वर्ष दीपावली की रात माता लक्ष्मी की उस पर विशेष कृपा बनें. हिं
कार्तिक मास के आगमन के साथ ही दीपोत्सवी महापर्व की तैयारी शुरु हो चुकी है. घर-घर में माता लक्ष्मी के स्वागतार्थ सफाई-रंगाई-पुताई का काम चल रहा है. सभी की कोशिश यही होती है कि इस वर्ष दीपावली की रात माता लक्ष्मी की उस पर विशेष कृपा बनें. हिंदू शास्त्रों में दीपावली के इस पर्व को सुख, समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है. यहां हम माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के संदर्भ में वास्तुशास्त्र से जुड़े कुछ नुस्खे बता रहे हैं, ताकि माता लक्ष्मी की आप पर विशेष कृपा बनें.
* दहलीज को अलंकृत करें
इन दिनों दहलीज वाले घर नहीं बन रहे हैं. दहलीज का वास्तुशास्त्र में बहुत महत्व है, और इसे बहुत शुभ माना जाता है. वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में प्रवेश करने के लिए दहलीज को प्रवेश करके आना बहुत मंगलकारी होता है.
* सेंधा नमक इत्यादि का पौंछा लगाएं-
आधी बाल्टी पानी में सेंधा नमक और चुटकी भर हल्दी मिलाकर मुख्य कमरे में पोछा लगाएं. इसके बाद घर में गुग्गल या चंदन से वातावरण को सुंगंधित बनाएं. इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है.
* मुख्यद्वार पर लगाएं तोरण-
इन दिनों बाजार में रेडिमेड तोरण खूब बिक रहे हैं, लेकिन हमारा धार्मिक मत यही कहता है कि पूजा का मंदिर हो या घर का मुख्यद्वार यहां गेंदे के फूल और आम अथवा अशोक के पेड़ की पत्तियों से बनें तोरण लगाना शुभ माना जाता है. हमारे शास्त्रों में आम और अशोक को देव-वृक्ष बताया गया है. इसलिए गेंदा के फूलों और आम अथवा अशोक के पत्तियों से तोरण बना तोरण घर के मुख्यद्वार पर टांगने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
* मुख्यद्वार पर अवरोध यानी लक्ष्मी के मार्ग पर बाधा-
घर के मुख्यद्वार के ठीक सामने किसी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए. क्योंकि इसका सीधा असर आपके धन और समृ्द्धि पर पड़ता है. अगर घर के सामने ईंट-पत्थरों का मलबा अथवा किसी भी तरह की गंदगी इकट्ठी हो गयी है तो उसे दीपावली के पूर्व हटवाकर वहां साफ-सफाई करवा दें. क्योंकि वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के मुख्यद्वार पर किसी भी तरह के अवरोध या गंदगी होने से आपके विकास यानी आय का मार्ग अवरुद्ध कर सकता है. लक्ष्मीजी के स्वागत के लिए इन सारे अवरोध को हटाना आवश्यक है.
* सकारात्मक ऊर्जा के लिए करें यह उपाय-
सकारात्मक ऊर्जा हम सभी के लिए जीवन का आवश्यक हिस्सा है. यह हमारे स्वस्थ, सुखी. शांत और संपन्न जीवन के लिए बहुत आवश्यक है. इसके लिए आपको केवल यही करना है कि आप घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल, हल्दी, कपूर मिलाकर छिड़काव करें. इससे सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है, जो माता लक्ष्मी के लिए आपके घर का मार्ग प्रशस्त करता है.
* स्वास्तिक चिह्न मां लक्ष्मी को प्रिय क्यों है-
हिंदू धर्म में किसी भी तरह का कोई मंगल कार्य सम्पन किया जाता है तो सर्वप्रथम स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है. लक्ष्मी के स्वागतार्थ दीपावली के दिन पूजा घर की दीवारों पर सिंदूर से स्वास्तिक चिह्न बनाए जाते हैं. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. स्वास्तिक लक्ष्मी माता को आकर्षित करता है और घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है.
* लक्ष्मी और कुबेर की मूर्ति रखें इस दिशा में-
धनत्रयोदशी के दिन लोग अपने घरों में माता लक्ष्मी और धन के देव कुबेरजी की मूर्ति की स्थापना करते हैं. मूर्ति स्थापित करते समय दिशा का ध्यान अवश्य रखें. कहने का आशय आप अपने बैठने का आसन उत्तर दिशा की ओर रखें ताकि लक्ष्मी जी और कुबेर का मुख दक्षिण की ओर रहे. इसके अलावा मुख्य दरवाजे पर लक्ष्मी के आगमन वाला चरण-चिह्न लगाएं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2020 05:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

