Chhath Puja 2025 Kharna Wishes: छठ पूजा के दूसरे दिन ‘खरना’ के इन हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
नहाय-खाय के अगले दिन लोहंडा यानी खरना होता है और इस दिन खरना का प्रसाद बनाया जाता है. इस दिन भी निर्जल व्रत रखा जाता है और रात में गुड़ व चावल की खीर खाई जाती है, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को छठ पूजा खरना की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Chhath Puja 2025 Kharna Wishes In Hindi: छठ पूजा (Chhath Puja) महापर्व सूर्य देव और छठ मैया को समर्पित एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिससे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. दिवाली के बाद इस दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नहाय-खाय (Nahay Khay) के साथ होती है, इस महापर्व के दूसरे दिन खरना (Kharna) होता है और तीसरे दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है, फिर चौथे दिन ऊषा अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होता है. इस साल 25 अक्टूबर 2025 को नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो रही है और 28 अक्टूबर 2025 को ऊषा अर्घ्य के बाद इस पर्व का समापन होगा. इस कठिन व्रत को महिलाएं घर की खुशहाली और संतान की सलामती के लिए रखती हैं. इसे छठ पूजा, डाला छठ, छठी माई, छठ, छठ माई पूजा, सूर्य षष्ठी जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है. छठ पूजा को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, जिसे महिलाएं अपने परिवार और संतान की खुशहाली के लिए करती हैं.
नहाय-खाय के अगले दिन लोहंडा यानी खरना होता है और इस दिन खरना का प्रसाद बनाया जाता है. इस दिन भी निर्जल व्रत रखा जाता है और रात में गुड़ व चावल की खीर खाई जाती है, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को छठ पूजा खरना की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
गौरतलब है कि छठ पूजा के महापर्व के दूसरे दिन व्रत रखकर महिलाएं खरना का प्रसाद खाती हैं, उसके बाद 36 घंटे तक निर्जल व्रत किया जाता है. छठ पूजा के दूसरे दिन मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग जलाकर प्रसाद बनाया जाता है. छठ पूजा व्रत के नियम काफी कठिन और सख्त होते हैं, इसलिए इसे महाव्रत भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि छठ पूजा का व्रत करने से घर-परिवार में सुख-शांति, धन-समृद्धि आती है, इसके साथ ही उत्तम आरोग्य का वरदान मिलता है.