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Chaitra Navratri 2025 Sanskrit Wishes: नवरात्रयोः शुभाशयाः! प्रियजनों को संस्कृत के इन भक्तिमय Shlokas, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें बधाई

चैत्र नवरात्रि का नौ दिवसीय पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि तक मनाया जाता है. प्रतिपदा तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर देवी दुर्गा का आह्वान किया जाता है और देवी के नौ विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है. इस अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों से नवरात्रयोः शुभाशयाः कह सकते हैं.

Chaitra Navratri 2025 Sanskrit Wishes: नवरात्रयोः शुभाशयाः! प्रियजनों को संस्कृत के इन भक्तिमय Shlokas, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें बधाई
चैत्र नवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

Chaitra Navratri 2025 Wishes in Sanskrit: आदिशक्ति मां दुर्गा (Maa Durga) के नौ स्वरूपों की उपासना के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) की शुरुआत इस साल 30 मार्च 2025 से हो रही है, जबकि राम नवमी (Ram Navami) का पर्व 6 अप्रैल को मनाया जाएगा. इस बार चैत्र नवरात्रि रविवार से शुरु हो रही है, इसलिए इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर अपने भक्तों के बीच आएंगी. ऐसा माना जाता है कि हाथी पर माता का सवार होकर आना काफी शुभ होता है और भक्तों की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कई शुभ योग बन रहे हैं और इस वक्त घटस्थापना बहुत ही शुभ फल देने वाली मानी जा रही है. इसी पावन तिथि से हिंदू नववर्ष (Hindu New Year) का आरंभ भी माना जाता है.

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का नौ दिवसीय पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि तक मनाया जाता है. प्रतिपदा तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर देवी दुर्गा का आह्वान किया जाता है और देवी के नौ विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है. इस अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों से नवरात्रयोः शुभाशयाः कह सकते हैं.

1- सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते।।
भावार्थ: हे मंगलमयी शिवा, सबके लिए मंगलकारी, सभी प्रयोजनों को पूर्ण करने वाली, हे तीनों लोकों की रक्षा करने वाली, हे गौरी, हे नारायणी, मैं आपको प्रणाम करता हूं.

चैत्र नवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

2- ​नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥
भावार्थ: उन देवी को नमन है जो देवियों की देवी हैं. जो शिव की प्रिया हैं, उन देवी के हम शरणागत हैं. उन्हें वंदन है, जो सृष्टि में प्रकृति स्वरूप में व्याप्त हैं और जो मंगलदायिनी हैं.

चैत्र नवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

3- बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे।
मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम् ॥
भावार्थ: आप मुझे बुद्धि दें, कीर्ति दें, कवित्वशक्ति दें और मेरी मूढ़ता का नाश करें. आप मुझ शरणागत की रक्षा करें.

चैत्र नवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

4- नमामि त्वं महादेवी महाभयविनाशिनीम्।
महादुर्गप्रशमनीं महाकारुण्यरूपिणीम्।।
भावार्थ: महाभय का नाश करने वाली, महासंकट को शांत करने वाली और महान करुणा की मूर्ति, आप महादेवी को मैं नमस्कार करता हूं.

चैत्र नवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

5- नमो देवी महाविधे नमामि चरणौ तव।
सदा ज्ञानप्रकाशं में देहि सर्वार्थदे शिवे।।
भावार्थ: हे देवी! आपको नमस्कार है. हे महाविधे, मैं आपके चरणों में बार-बार नमन करता हूं. सर्वार्थदायिनी शिवे, आप मुझे सदा ज्ञानरूपी प्रकाश प्रदान कीजिए.

चैत्र नवरात्रि 2025 (Photo Credits: File Image)

वैसे तो सालभर में चार नवरात्रि तिथियां पड़ती हैं, लेकिन उनमें से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि को धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में पूरे भक्तिभाव से मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों की हर समस्या दूर होती है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है. नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं. नवदुर्गा में मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्माडां, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां सिद्धिदात्री और मां महागौरी की पूजा का विधान है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2025 10:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).