Buddha Purnima 2023 Greetings: हैप्पी बुद्ध पूर्णिमा! शेयर करें ये मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Images, Photo SMS और HD Wallpapers
कहा जाता है कि गौतम बुद्ध से ही बौद्ध धर्म का उदय हुआ, जो भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में फैल गया. गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, लेकिन इसे लेकर लोगों में अलग-अलग मत है. गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव पर आप इन मनमोहक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ इमेजेस, फोटो एसएमएस और एचडी वॉलपेपर्स को भेजकर हैप्पी बुद्ध पूर्णिमा कह सकते हैं.
Buddha Purnima 2023 Greetings in Hindi: दुनिया भर में बौद्ध धर्म (Buddhism) के अनुयायी बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं और इस साल 5 मई को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है. इस दिन दुनिया भर में बौद्ध धर्म के अनुयायी खास प्रार्थना करते हैं और इस अवसर पर खास आयोजन किया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को गौतम बुद्ध (Gautam Buddha) का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि पर उनका जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. कहा जाता है कि गौतम बुद्ध का जन्म ईसा पूर्व छठी शताब्दी में राजा शुद्धोधन के पुत्र के रूप में हुआ था. उनके जन्म के कुछ ही दिन बाद उनकी माता महामाया का निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी बहन गौतमी ने उनकी परवरिश की, इसलिए उनका नाम सिद्धार्थ गौतम पड़ा.
कहा जाता है कि गौतम बुद्ध से ही बौद्ध धर्म का उदय हुआ, जो भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में फैल गया. गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, लेकिन इसे लेकर लोगों में अलग-अलग मत है. गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव पर आप इन मनमोहक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ इमेजेस, फोटो एसएमएस और एचडी वॉलपेपर्स को भेजकर हैप्पी बुद्ध पूर्णिमा कह सकते हैं.
1- बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं

2- बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई

3- हैप्पी बुद्ध पूर्णिमा

4- शुभ बुद्ध पूर्णिमा

5- बुद्ध पूर्णिमा 2023

बताया जाता है कि जन्म के समय ही राज ज्योतिष ने भविष्यवाणी की थी कि यह बालक बड़ा होकर संन्यास ले लेगा और बहुत बड़ा संत-महात्मा बनेगा. एक दिन सिद्धार्थ अपने महल के बाहर घूम रहे थे तो उनकी नजर एक रोगी, वृद्ध और मृत व्यक्ति पर पड़ी, जिसे देखने के बाद सिद्धार्थ के मन में वैराग्य की भावना जाग गई और उन्होंने संन्यासी बनने का मन बना लिया. संन्यास लेने के लिए वो अपनी पत्नी और बच्चे को छोड़कर वन चले गए, जिसके बाद उन्होंने कई सालों तक वन में तपस्या की. 35 साल की उम्र में उन्हें बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे सिद्धार्थ गौतम से गौतम बुद्ध बन गए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2023 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

