Bijoya Dashami 2025 Wishes: अपनों से कहें शुभो बिजोया दशमी! शेयर करें ये मनमोहक WhatsApp Stickers, HD Images, GIF Greetings और Wallpapers
शुभो बिजोया दशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

Bijoya Dashami 2025 Wishes in Hindi: मां दुर्गा (Maa Durga) की उपासना के नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है. वहीं आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) की त्योहार मनाया जाता है. वहीं देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले बंगाली समुदाय (Bengali Community) के लोग इस नवरात्रि के दौरान 5 दिवसीय दुर्गा पूजा (Durga Puja) के पर्व को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. इस साल दुर्गा पूजा की शुरुआत 28 सितंबर 2025 से हुई थी, जबकि 02 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है. ज्ञात हो कि पांच दिवसीय दुर्गा पूजा के आखिरी दिन विजयादशमी (Vijayadashami) मनाई जाती है. एक तरफ जहां विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन किया जाता है तो वहीं इस दिन देश के कई हिस्सों में लंकापति रावण के पुतले का दहन करके दशहरे का त्योहार मनाया जाता है.

बंगाली समुदाय के लोग विजयादशमी को बिजोया दशमी के तौर पर मनाते हैं. कहा जाता है कि मां दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया था और दसवें दिन उस दुष्ट असुर का संहार किया था, इसलिए विजयादशमी यानी बिजोया दशमी के पर्व को हर्षोल्लास से मनाया जाता है. ऐसे में आप इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, एचडी इमेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स को शेयर करके अपनों से शुभो बिजोया दशमी कह सकते हैं.

1- शुभो बिजोया दशमी

शुभो बिजोया दशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

2- शुभो बिजोया दशमी

शुभो बिजोया दशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

3- शुभो बिजोया दशमी

शुभो बिजोया दशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

4- शुभो बिजोया दशमी

शुभो बिजोया दशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

5- शुभो बिजोया दशमी

शुभो बिजोया दशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

गौरतलब है कि देश में रहने वाले बंगाली समुदाय के लोग दुर्गा पूजा के आखिरी दिन विजयादशमी का पर्व मनाते हैं, जो दुष्ट असुर महिषासुर पर मां दुर्गा की जीत का प्रतीक है. प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, अपने भक्तों के मुरादों की झोली भरने के बाद मां दुर्गा इस दिन कैलाश वापस लौट जाती हैं, इसी दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है और इसी के साथ दुर्गा पूजा का समापन होता है. विजयादशमी के दिन बंगाली समुदाय की महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाती है, जिसे सिंदूर खेला कहा जाता है.