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Bhim Jayanti 2025 Rangoli Designs: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के जश्न को मनमोहक रंगोली से बनाएं खास, देखें आकर्षक डिजाइन्स

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर देशभर में अवकाश होता है और अलग-अलग स्थानों पर रैलियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. उनकी मूर्तियों पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और रंगोली के मनमोहक डिजाइन्स बनाए जाते हैं. ऐसे में आप भी रंगोली के इन मनमोहक डिजाइन्स को बनाकर डॉ. आंबेडकर जयंती के पर्व को खास बना सकते हैं.

Bhim Jayanti 2025 Rangoli Designs: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के जश्न को मनमोहक रंगोली से बनाएं खास, देखें आकर्षक डिजाइन्स
भीम जयंती 2025 रंगोली डिजाइन्स (Photo Credits: YouTube)

Bhim Jayanti 2025 Rangoli Designs: हमारे देश में हर साल 14 अप्रैल को भारतीय संविधान (Indian Constitution) के रचयिता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती (Dr. Babasaheb Ambedkar Jayanti) मनाई जाती है, जिसे भीम जयंती (Bhim Jayanti) के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन को डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. Babasaheb Ambedkar) के जन्मदिवस के तौर पर मनाया जाता है. इस साल डॉ. आंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई जा रही है. 14 अप्रैल 1891 में जन्मे आंबेडकर न सिर्फ भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता थे, बल्कि वे आजाद भारत के पहले कानून मंत्री, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक भी थे. यही वजह है कि इस दिन उनकी जयंती को देशभर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, साथ ही उनके द्वारा दलितों के उत्थान के लिए किए गए सराहनीय कार्यों के लिए याद किया जाता है.

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर देशभर में अवकाश होता है और अलग-अलग स्थानों पर रैलियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. उनकी मूर्तियों पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और रंगोली के मनमोहक डिजाइन्स बनाए जाते हैं. ऐसे में आप भी रंगोली के इन मनमोहक डिजाइन्स को बनाकर डॉ. आंबेडकर जयंती के पर्व को खास बना सकते हैं. यह भी पढ़ें: Baba Saheb Ambedkar Anniversary 2025: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर जानें उनकी जिंदगी से जुड़े अनसुने व रोचक तथ्य

आंबेडकर जयंती क्रिएटिव रंगोली डिजाइन

भीम जयंती स्पेशल फ्लोरल रंगोली

भीम जयंती विशेष रंगोली डिजाइन

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती विशेष रंगोली

आंबेडकर जयंती के लिए स्पेशल रंगोली

गौरतलब है कि पहली बार 14 अप्रैल 1928 को पुणे में आंबेडकर जयंती मनाई गई थी, जिसकी पहल सबसे पहले सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन सदाशिव रणपिसे ने की थी, तब से हर साल उनके जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और न्याय के विचारों को फैलाना है. उन्होंने समाज की महिलाओं, पिछड़े वर्गों और दलित समुदायों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे. उन्होंने लोगों को शिक्षित होने, संगठित रहने और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का संदेश दिया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2025 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).