Basant Panchami 2025 Messages: हैप्पी बसंत पंचमी! इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए दें सबको बधाई
बसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहूर्त होता है, इसलिए इसे विद्यारंभ या कला से जुड़े नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इसके साथ ही इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है. इस दिन मां शारदा की विधि-विधान से पूजा की जाती है, साथ ही शुभकामनाएं दी जाती हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को भेजकर सबसे हैप्पी बसंत पंचमी कह सकते हैं.
Basant Panchami 2025 Messages in Hindi: कहते हैं जिन पर मां सरस्वती की कृपा होती है, उन्हें वो ज्ञान, विद्या, कला और संगीत के गुणों से भर देती हैं. मां सरस्वती के आशीर्वाद के बिना व्यक्ति ज्ञान, विद्या, कला और संगीत में कभी निपुण नहीं हो सकता है, इसलिए इन चीजों का आशीर्वाद पाने के लिए मां सरस्वती की उपासना की जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी (Basant Panchami) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जो मां सरस्वती को समर्पित है. बसंत पंचमी को वसंत पंचमी (Vasant Panchami), सरस्वती पूजा (Saraswati Puja) और श्री पंचमी (Shri Panchami) के नाम से जाना जाता है. आज (2 फरवरी 2025) देशभर में बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के प्राकट्य के साथ पूरे ब्रह्माण को ध्वनि का उपहार मिला था, इसलिए इस दिन उनकी विशेष उपासना की जाती है.
बसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहूर्त होता है, इसलिए इसे विद्यारंभ या कला से जुड़े नए कार्यों की शुरुआत करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इसके साथ ही इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है. इस दिन मां शारदा की विधि-विधान से पूजा की जाती है, साथ ही शुभकामनाएं दी जाती हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को भेजकर सबसे हैप्पी बसंत पंचमी कह सकते हैं.





प्रचलित पौराणिक मान्यता के अनुसार, माघ शुक्ल पंचमी यानी बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती हाथों में पुस्तक, वीणा और माला लिए श्वेत कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुई थीं, इसलिए इस दिन मां सरस्वती की पूजा का विधान है. इस दिन पीले वस्त्र, पीले पुष्प, पीले फल, पीली मिठाई, धूप-दीप इत्यादि से देवी सरस्वती की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके साथ ही ऐसा कहा जाता है कि इस पावन तिथि पर मां सरस्वती की पूजा करने से उनके साथ-साथ मां लक्ष्मी और मां काली का आशीर्वाद भी भक्तों को प्राप्त होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

