Baisakhi 2025 Messages: बैसाखी के इन शानदार हिंदी WhatsApp Wishes, Shayaris, GIF Greetings, Photos को भेजकर अपनों को दें पर्व की शुभकामनाएं
पंजाबी और सिख नव वर्ष के खास मौके पर पंजाब में मेले आयोजित किए जाते हैं. इस दिन गुरुद्वारों को सजाया जाता है, जहां लोग मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं. इसके साथ ही नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है और लोग एक-दूसरे को बैसाखी की बधाई देते हैं. ऐसे में आप भी इन शानदार हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, शायरी, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटोज को भेजकर अपनों को बैसाखी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Baisakhi 2025 Messages in Hindi: पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बैसाखी के पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. किसानों के इस पर्व को नए वर्ष (New Year) के तौर पर पंजाबियों, सिखों और कई धर्मों के लोगों का द्वारा सेलिब्रेट किया जाता है. हर साल बैसाखी (Baisakhi) का त्योहार आमतौर पर 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है, क्योंकि बैसाखी के दिन ही सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे मेष संक्रांति (Mesh Sankranti) भी कहा जाता है और इसी दिन से सौर नववर्ष की शुरुआत होती है. इस साल 13 अप्रैल 2025 को बैसाखी मनाई जा रही है. खुशहाली और समृद्धि के इस पर्व पर लोग अनाज की पूजा करते हैं, साथ ही नई फसल के आने की खुशी में ईश्वर और प्रकृति को धन्यवाद करते हैं. इस दिन नृत्य, संगीत और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.
पंजाबी और सिख नव वर्ष के खास मौके पर पंजाब में मेले आयोजित किए जाते हैं. इस दिन गुरुद्वारों को सजाया जाता है, जहां लोग मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं. इसके साथ ही नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है और लोग एक-दूसरे को बैसाखी की बधाई देते हैं. ऐसे में आप भी इन शानदार हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, शायरी, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटोज को भेजकर अपनों को बैसाखी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





बता दें कि अप्रैल के महीने में रबी यानी गेहूं की फसल कटती है, इसलिए पंजाब और हरियाणा में किसानों के पर्व बैसाखी को धूमधाम से मनाया जाता है. बैसाखी का पर्व सिख धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है. कहा जाता है कि इसी दिन सन 1699 में सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना की गई थी. गुरु जी ने इस दिन जातिगत भेदभावों को समाप्त करते हुए एकता का संदेश दिया था, इसलिए यह पर्व सिखों के लिए एक नया अध्याय, एक नई शुरुआत और धार्मिक सिद्धांतों के पालन का दिन है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2025 09:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

