Eid Ul Fitr 2026: ईद-उल-फित्र इस्लाम धर्म का एक बेहद पवित्र और खास त्योहार है, जिसे पूरी दुनिया में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. साल 2026 में भारत में ईद-उल-फित्र 21 मार्च को मनाई जाएगी, क्योंकि शव्वाल का चांद 19 मार्च की शाम को देश में कहीं भी नजर नहीं आया. यह त्योहार रमजान के महीने के खत्म होने का प्रतीक होता है, जो आत्मसंयम, इबादत, दान और इंसानियत का महीना माना जाता है. रमजान के दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, दिनभर भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने अंदर धैर्य, सहनशीलता और दूसरों के प्रति करुणा विकसित करते हैं. Eid Ul Fitr Kyu Manai Jati Hai: भारत में 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद, जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्योहार और इसका इतिहास
ईद-उल-फित्र इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे दुनिया भर में अलग-अलग देशों में चांद दिखने के आधार पर अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है. साल 2026 में भी कई देशों में ईद की तारीख में अंतर देखने को मिल रहा है. जहां सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत जैसे देशों में ईद 20 मार्च को मनाई जा रही है, वहीं भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में चांद न दिखने के कारण ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी.
क्यों अलग-अलग तारीखों पर मनाई जाती है ईद
इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा (लूनर सिस्टम) पर आधारित होता है, जिसमें हर महीने की शुरुआत नए चांद (हिलाल) के दिखने से होती है. हर देश में चांद दिखने का समय अलग होता है. मौसम और भौगोलिक स्थिति का भी असर पड़ता है. इसलिए ईद की तारीख देशों के अनुसार बदल जाती है.
ईद-उल-फित्र का इतिहास
ईद-उल-फित्र की शुरुआत पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समय से मानी जाती है. जब वे मदीना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लोग दो खास दिनों पर जश्न मनाते हैं. तब उन्होंने बताया कि अल्लाह ने मुसलमानों को इन दिनों के बदले दो बेहतर त्योहार दिए हैं—ईद-उल-फित्र और ईद-उल-अजहा. इसके बाद से ईद-उल-फित्र मनाने की परंपरा शुरू हुई.
क्यों मनाई जाती है ईद
ईद-उल-फित्र रमजान के महीने के खत्म होने पर मनाई जाती है. यह दिन रोजों की समाप्ति, इबादत की कबूलियत और अल्लाह के प्रति शुक्रिया अदा करने का प्रतीक होता है. इस दिन लोग नमाज अदा करते हैं, गरीबों को जकात-उल-फित्र देते हैं और आपसी भाईचारा बढ़ाते हैं.












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