Banke Bihari Temple Dispute: मथुरा के वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर पहुंचे यूपी के उर्जा मंत्री एके शर्मा को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. सेवायतों और स्थानीय महिलाओं ने मंदिर परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें दर्शन से पहले ही वहां से जाने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, श्री बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर बनाने और ट्रस्ट बनाने की योजना को लेकर स्थानीय लोगों, सेवायतों और महिलाओं में काफी गुस्सा है. उन्हें डर है कि कॉरिडोर और ट्रस्ट के निर्माण से मंदिर की परंपराएं प्रभावित होंगी और सेवायतों के अधिकार छीन लिए जाएंगे.
ये भी पढें: मथुरा में रेलवे लाइन की जगह सड़क बनाने पर लोगों ने की सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ नारेबाजी
बांके बिहारी मंदिर में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का विरोध
ब्रेकिंग न्यूज़ | मथुरा 🚨
कॉरिडोर बनाने का विरोध, मंत्री को दर्शन करने से रोका गया।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में दर्शन तक नहीं करने दिया गया!
मथुरा में बांके बिहारी के दर्शन करने पहुंचे यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को सेवायतों ने रोक दिया। जैसे… pic.twitter.com/XcsHBjaJme
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 19, 2025
महिलाओं ने लगाए “वापस जाओ” के नारे
इसी गुस्से के चलते महिलाएं काली पट्टी बांधकर मंदिर पहुंचीं और ऊर्जा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की. हंगामे के बीच वहां मौजूद पुलिस और महिलाओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई. महिलाओं का आरोप है कि सीओ सदर संदीप सिंह ने उनके हाथों से विरोध स्लोगन छीन लिए, जिससे विवाद और भड़क गया. सेवायतों ने विरोध में मंदिर का पर्दा गिरा दिया, जिससे मंत्री केवल कुछ ही पल दर्शन कर पाए. उन्हें न प्रसाद मिला और न ही पारंपरिक स्वागत हुआ.
पुलिसकर्मियों ने गेट नंबर 4 से निकाला बाहर
मंत्री ए.के. शर्मा को पुलिस के संरक्षण में मंदिर के गेट नंबर चार से बाहर निकाला गया. लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ. जब मंत्री जी वीआईपी रोड स्थित एक प्रमुख गद्दी पर पहुंचे, तो वहां भी गुस्साई महिलाओं ने प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए.
ऊर्जा मंत्री ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बात की
स्थिति को संभालने के लिए ऊर्जा मंत्री ने चार महिलाओं को अलग से बातचीत के लिए बुलाया और पूरे धैर्य के साथ उनकी बात सुनी. महिलाओं ने मंदिर की परंपराओं और सेवायतों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मंदिर को सरकारी दखल से दूर रखा जाए और उनकी भावनाओं का सम्मान हो.
जनता की भावनाओं का मान रखने की कही बात
मंत्री शर्मा ने आश्वासन दिया कि वह जनता की भावनाओं को सर्वोपरि मानते हैं और किसी भी निर्णय में स्थानीय लोगों की सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ा जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी की परंपरा या आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं है.













QuickLY