Yavatmal Water Crisis: नासिक के बाद अब यवतमाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी का गंभीर संकट गहराने लगा है. अर्णी तहसील के गांवों में महिलाएं रोज़ाना 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तय कर पानी लाने को मजबूर हैं. गांव की एक निवासी पूजा ने बताया, "हमें पानी लेने के लिए फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। गिरने का डर हमेशा बना रहता है, लेकिन क्या करें, पानी तो चाहिए ही."
नासिक के बाद अब यवतमाल में भी जल संकट
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर दिन सुबह और शाम पानी की चिंता सताती रहती है. कई बार तो उन्हें रात में भी पानी की तलाश में निकलना पड़ता है। छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल हो गई है. यह भी पढ़े: Nashik Water Crisis: नासिक में गहराया जल संकट, पानी के लिए जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण (Watch Video)
यवतमाल में भी जल संकट
#WATCH | Yavatmal: Maharashtra: Pooja, a villager, says, "...We are scared of slipping and falling...we have to travel for 2-3 km to bring water..." https://t.co/bhWBYoOZxJ pic.twitter.com/JaQYdn8pMA
— ANI (@ANI) April 22, 2025
नासिक के टोंडवळ गांव में पानी का संकट
इसी तरह की तस्वीर नासिक के टोंडवळ गांव में भी देखने को मिली थी, जहां एक महिला ने बताया, "गांव में पानी नहीं है... हमें इधर-उधर भटकना पड़ता है. छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनके लिए पानी चाहिए.
सरकार से गुहार
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि इस जल संकट का समाधान तुरंत निकाला जाए। उनका कहना है कि यह केवल सुविधा का नहीं, बल्कि ज़िंदगी और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. "जब पानी ही नहीं रहेगा तो कोई ज़िंदगी कैसे जिएगा?" यह सवाल अब आम हो गया है.
भीषण गर्मी के चलते जलाशयों का जलस्तर निचे गिर रहा है
महाराष्ट्र में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते राज्य के कई हिस्सों में जलाशयों का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिससे पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो नासिक और यवतमाल समेत उन जिलों में जहां पानी की किल्लत है, हालात और भी बिगड़ सकते हैं.











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