कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पश्चिम मेदिनीपुर जिले (West Midnapore District) में शनिवार देर शाम राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया, जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के काफिले पर कथित तौर पर हमला किया गया. यह घटना चंद्रकोणा रोड मार्केट इलाके में तब हुई जब अधिकारी पुरुलिया में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होकर कोलकाता वापस लौट रहे थे. शुभेंदु अधिकारी ने इस हमले के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) यानी टीएमसी (TMC) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है. यह भी पढ़ें: TMC 26th Foundation Day: टीएमसी ने धूमधाम से 26वां स्थापना दिवस, ममता ने बंगाल के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
बांस के डंडों से काफिले पर हमला
शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, जैसे ही उनका काफिला चंद्रकोणा रोड के चौराहों को पार कर रहा था, टीएमसी के झंडे लिए कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक रास्ता रोक दिया. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि भीड़ ने उनके काफिले को घेर लिया और उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी पर बांस के डंडों से हमला करना शुरू कर दिया.
अधिकारी ने यह भी दावा किया कि यह हंगामा काफी देर तक चलता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस हमलावरों को रोकने के लिए मौके पर नहीं पहुंची. गनीमत रही कि वाहन बुलेटप्रूफ होने के कारण अधिकारी को कोई चोट नहीं आई.
शुभेंदु अधिकारी का दावा- उनके काफिले पर हुआ हमला
Tonight approximately around 8:20 PM, while I was returning from Purulia, at Chandrakona Road; Paschim Medinipur district, I was viciously attacked by TMC goons.
These cowards, emboldened by the Mamata Banerjee regime's culture of violence and impunity, attacked me right in the… pic.twitter.com/caM0JshS4y
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) January 10, 2026
पुलिस चौकी के फर्श पर बैठे अधिकारी
इस घटना से आक्रोशित शुभेंदु अधिकारी सीधे चंद्रकोणा पुलिस चौकी पहुंचे और वहां फर्श पर बैठ गए. उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक पुलिस दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार नहीं करती, वे वहां से नहीं हटेंगे.
अधिकारी ने कहा, ‘मैं यहां तब तक इंतजार करूंगा जब तक कि स्थानीय पुलिस बदमाशों को पकड़ नहीं लेती. जिला पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्चाधिकारियों को इस बारे में सूचित किया जाना चाहिए.’ खबर लिखे जाने तक भाजपा नेता पुलिस चौकी में धरने पर बैठे हुए थे.
पहले भी हो चुके हैं हमले
यह पहली बार नहीं है जब बंगाल में नेता प्रतिपक्ष के काफिले को निशाना बनाया गया है. इससे पहले अगस्त 2025 में उत्तरी बंगाल के कूचबिहार में भी उन पर हमला हुआ था. उस समय भी प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहनों के काफिले को रोकने की कोशिश की थी. भाजपा का आरोप है कि राज्य में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.













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