देश

West Bengal News: जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर फिर सुर्खियों में, 24 घंटे में ही निशा चटर्जी का टिकट काटा, महिला ने भेदभाव का आरोप लगाकर कोर्ट जाने की दी धमकी

टिकट कटने के बाद निशा चटर्जी भड़क उठीं. उन्होंने हुमायूं कबीर पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया और कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हैं.

West Bengal News: जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर फिर सुर्खियों में, 24 घंटे में ही निशा चटर्जी का टिकट काटा, महिला ने भेदभाव का आरोप लगाकर कोर्ट जाने की दी धमकी
(Photo Credits ANI)

West Bengal News:  मुर्शिदाबाद में पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर इस हफ्ते बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं. नींव रखने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनता उन्नयन पार्टी की घोषणा की थी. पार्टी घोषित होते ही उन्होंने अगले विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा भी शुरू कर दी.

उम्मीदवारों देने के बाद निशा चटर्जी का कटा टिकट

इसी क्रम में उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चटर्जी (Nisha Chatterjee) को बैलीगंज सीट से उम्मीदवार घोषित किया था.लेकिन यह फैसला ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया और सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही उनका टिकट काट दिया गया. सूत्रों के अनुसार हुमायूं कबीर ने निशा चटर्जी के कुछ पुराने सोशल मीडिया पोस्टों पर आपत्ति जताई. उनका दावा है कि इन पोस्टों में की गई कुछ टिप्पणियाँ पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं खातीं. कबीर ने यह भी कहा कि वह जल्द ही बैलीगंज से एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारेंगे. यह भी पढ़े:  Humayun Kabir Launches New Party: पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद हुमायूं कबीर ने नई पार्टी का किया ऐलान, नाम रखा ‘जनता उन्नयन पार्टी’

टिकट कटने पर निशा चटर्जी भड़कीं

उधर, टिकट कटने के बाद निशा चटर्जी भड़क उठीं. उन्होंने हुमायूं कबीर पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया और कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हैं। निशा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ यह व्यवहार इसलिए किया गया क्योंकि वह हिंदू हैं, जिसे वह सीधे तौर पर भेदभाव मानती हैं.

निशा का कहना है कि टिकट देना और वापस लेना राजनीतिक पार्टियों का अधिकार हो सकता है, लेकिन इस तरह एक दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से निर्णय बदलना और समुदाय आधारित टिप्पणी करना, उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा पर चोट पहुँचाता है।

मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है और दोनों पक्षों के बयान सामने आने से स्थानीय राजनीति में यह मुद्दा केंद्र में आ गया है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या निशा चटर्जी वास्तव में कोर्ट का रुख करती हैं यानी नहीं

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 24, 2025 02:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).