ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच दिसंबर में भारत आएंगे पुतिन, अमेरिकी दबाव के बावजूद दौरे पर लग गई मुहर
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मई में पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था, लेकिन तारीख तय नहीं हो पाई थी. अब दिसंबर की यह यात्रा लगभग तय मानी जा रही है.
नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) दिसंबर में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ सकते हैं. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर रूस से तेल व्यापार को लेकर भारी टैरिफ और पाबंदी लगाने की चेतावनी दी है. पुतिन का यह दौरा न केवल भारत-रूस संबंधों को मजबूती देगा बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों में भी अहम भूमिका निभाएगा.
भारत और चीन का मिलकर काम करना बेहद जरूरी... अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद के बीच बोले PM मोदी.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मई में पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था, लेकिन तारीख तय नहीं हो पाई थी. अब दिसंबर की यह यात्रा लगभग तय मानी जा रही है. इससे पहले दोनों नेता 1 सितंबर को चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में मुलाकात करेंगे.
ट्रंप का टैरिफ वॉर और भारत की नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिससे कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया है. अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है. लेकिन भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद और दोहरे मापदंड बताया है. सरकार का कहना है कि तेल खरीद पूरी तरह बाज़ार की मजबूरी और देशहित को देखते हुए की जाती है.
अमेरिका पर दोहरा रवैये का आरोप
भारत ने अमेरिका के इस कदम को अनुचित बताया है. भारत का कहना है कि यूरोप समेत कई बड़े देश आज भी रूस से व्यापार कर रहे हैं, ऐसे में केवल भारत पर निशाना साधना न्यायसंगत नहीं है. भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अपने ऊर्जा हितों से समझौता नहीं करेगा.
रूस-भारत की रणनीतिक साझेदारी
रूस और भारत दशकों से एक-दूसरे के बड़े रणनीतिक साझेदार रहे हैं. रक्षा क्षेत्र से लेकर ऊर्जा सहयोग तक, दोनों देशों के रिश्ते गहरे हैं. पुतिन की यह यात्रा आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा जैसे अहम मुद्दों पर नए समझौतों का रास्ता खोल सकती है.
बदलते वैश्विक समीकरणों में भारत की भूमिका
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव आया है. अमेरिका के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, जबकि रूस और चीन के साथ भारत की नज़दीकियां बढ़ रही हैं. ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा भारत की विदेश नीति के लिए अहम मोड़ साबित हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2025 10:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

