Coal Mine Protest: कोल ब्लॉक के विरोध में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन, महिला पुलिस की जमकर की पिटाई, छत्तीसगढ़ के तमनार का वीडियो आया सामने: VIDEO
छत्तीसगढ़ जिले के तमनार में कोल ब्लॉक प्रोजेक्ट के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की गई.
Coal Mine Protest: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायगढ़ (Raigarh) जिले के तमनार (Tamnar) क्षेत्र में कोयला ब्लॉक परियोजना (Coal Block Project) के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल (Police Force) के बीच हुई झड़प में एक थाना प्रभारी (SHO) सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए. हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा.शनिवार सुबह पुलिस ने भारी सुरक्षा तैनाती (Heavy Deployment) के साथ सड़क जाम हटवाने की कोशिश की.
अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर कोयला परिवहन (Coal Transportation) बहाल करने की अपील की, लेकिन इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई.इस कार्रवाई में करीब 35–40 प्रदर्शनकारी (Protesters), जिनमें स्थानीय नेता राधेश्याम शर्मा (Radheshyam Sharma) भी शामिल थे, को हिरासत में लिया गया. इस घटना का वीडियो (Video)सोशल मीडिया X पर @nedricknews नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:VIDEO: कांकेर जिले में ईसाई घरों पर लोगों का हमला, जमकर की तोड़फोड़, पुलिस की मौजूदगी में मचाया उत्पात
रायगढ़ में कोल ब्लॉक को लेकर प्रदर्शन
साइकिल सवार के घायल होने से बढ़ा गुस्सा
तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब खुरुसलेंगा गांव (Khuruslenga Village) के पास एक कोयला ले जा रहे भारी वाहन (Coal Truck) से टक्कर लगने पर एक स्थानीय ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना की खबर फैलते ही पहले से नाराज भीड़ में आक्रोश (Anger) भड़क उठा और दोबारा हिंसा शुरू हो गई.
महिला SHO पर हमला
स्थिति संभालने पहुंचीं तमनार एसएचओ (SHO) को गुस्साई भीड़ ने घेर लिया. पुलिस के अनुसार, भीड़ में अधिकतर महिलाएं थीं. वायरल वीडियो में देखा गया कि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने SHO को धक्का दिया, लात मारी और डंडों (Sticks) से हमला किया. वह मदद की गुहार लगाती दिखीं और बाद में बेहोश हो गईं.
पथराव और आगजनी, कई वाहन फूंके
इसके बाद इलाके में पथराव (Stone Pelting) शुरू हो गया, जिसमें कई और पुलिसकर्मी घायल हो गए.भीड़ ने एक एम्बुलेंस (Ambulance), एक कार और कम से कम दो बसों में आगजनी (Arson) कर दी. घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (Health Centres) में भर्ती कराया गया.
200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
बिलासपुर रेंज के IGP संजीव शुक्ला ने बताया कि हालात अभी भी तनावपूर्ण (Tense) हैं, लेकिन नियंत्रण में हैं. क्षेत्र में 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. रायगढ़ SP (Raigarh SP) और कलेक्टर (Collector) खुद मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
बिजली काटी गई, बाहरी लोगों की एंट्री रोकी
एहतियातन प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति (Electricity Supply) अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है. रिजर्व फोर्स (Reserve Force) की तैनाती के साथ ही गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. पुलिस ने दंगा (Rioting), सरकारी कर्मचारियों पर हमला (Assault on Public Servants) और आगजनी (Arson) के मामले दर्ज करने के संकेत दिए हैं.
15 दिन से चल रहा था विरोध
यह हिंसा गारे पेलमा (Gare Pelma) क्षेत्र में एक निजी कंपनी के कोयला ब्लॉक के लिए हुई कथित फर्जी पर्यावरण जनसुनवाई (Fake Environmental Public Hearing) के खिलाफ चल रहे 15 दिन के आंदोलन (15-Day Protest) के बाद भड़की. 14 गांवों (14 Villages) के लोग कोयला हैंडलिंग प्लांट के बाहर धरने पर बैठे थे और भारी वाहनों की आवाजाही रोक रहे थे.
आंदोलनकारी संगठनों का आरोप
छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन (Chhattisgarh Bachao Andolan) ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य प्रशासन (State Administration) को जिम्मेदार ठहराया. संगठन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और कोयला वाहन से जुड़ी घटना ने हिंसा को भड़काया.उन्होंने सरकार पर आदिवासियों (Adivasis) और किसानों (Farmers) के हितों की अनदेखी कर कॉरपोरेट हित (Corporate Interests) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.