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आज सुबह 9:30 बजे भारतीय सामानों पर लागू होगा 'ट्रंप टैरिफ', मोदी सरकार के सामने क्या हैं विकल्प?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 50% का भारी टैरिफ लगा दिया है, जो आज सुबह 9:30 बजे से लागू होगा. इस कदम से भारत के कपड़ा, ज्वेलरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख निर्यात उद्योग बुरी तरह प्रभावित होंगे, जिससे लाखों नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है.

आज सुबह 9:30 बजे भारतीय सामानों पर लागू होगा 'ट्रंप टैरिफ', मोदी सरकार के सामने क्या हैं विकल्प?
50% टैरिफ से भारत के कपड़ा, ज्वेलरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख निर्यात उद्योग बुरी तरह प्रभावित होंगे (Photo : X)

US Tariff on India: आज 27 अगस्त 2025 है, और अभी से कुछ ही घंटों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump)का भारत पर लगाया गया 50% टैरिफ लागू हो जाएगा. मतलब, भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों पर 50% का अतिरिक्त टैक्स लगेगा. ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है – ये एक बड़ा जियोपॉलिटिकल पल है, जो भारत-अमेरिका के रिश्तों (India-US Relations) को हिला सकता है. चलिए, समझते हैं कि ये क्या है, क्यों हो रहा है, और इसका क्या असर पड़ेगा.

क्या है ये टैरिफ? (What is this tariff?)

टैरिफ मतलब आयात शुल्क. ट्रंप ने कुछ हफ्ते पहले ऐलान किया था कि भारत से आने वाले सामानों पर 50% टैरिफ लगेगा. ये आज रात 12:01 बजे EDT (भारतीय समय से सुबह करीब 9:30 बजे) से शुरू हो जाएगा. पहले से शिप किए गए सामान को छूट है, लेकिन नए एक्सपोर्ट्स पर ये लागू होगा.

ये टैरिफ पहले 25% था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया है.

ट्रंप का कहना है कि ये "रेसिप्रोकल" टैरिफ है, यानी भारत अमेरिकी सामानों पर ज्यादा टैक्स लगाता है, तो वो भी वैसा ही करेगा. जैसे, भारत में हार्ले डेविडसन बाइक्स पर हाई ड्यूटी है, ट्रंप उसी का बदला ले रहे हैं. लेकिन असल में, ये रूस से तेल खरीदने या पाकिस्तान के साथ वार्ता जैसे मुद्दों से भी जुड़ा लगता है.

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

भारत अमेरिका को हर साल करीब 86.5 बिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट करता है. अब 50% टैरिफ से ये सामान अमेरिका में महंगा हो जाएगा, तो लोग कम खरीदेंगे.

सबसे ज्यादा मार इन सेक्टर्स पर पड़ेगी (Impact on Indian Exports)

  • टेक्सटाइल और गारमेंट्स: भारत की शर्ट्स, कपड़े वगैरह अब 50% महंगे होंगे. एक 10 डॉलर की शर्ट अब 16.40 डॉलर की हो जाएगी, जो चीन या वियतनाम से सस्ती आएगी.
  • डायमंड्स और गोल्ड ज्वेलरी: ये इंडस्ट्री भी हिट होगी. इजराइल, चीन या बेल्जियम जैसे देश फायदा उठा सकते हैं.
  • मीट और प्रोसेस्ड फूड: पाकिस्तान, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों को यहां मौका मिलेगा.
  • दवाईयां और आईटी: हालांकि ये कम प्रभावित होंगे, लेकिन ओवरऑल एक्सपोर्ट गिर सकता है, जिससे नौकरियां जाएंगी और जीडीपी पर असर पड़ेगा.

भारतीय एक्सपोर्टर्स पहले से ही टेंशन में हैं. फैक्टरियां बंद हो सकती हैं, और लाखों लोग बेरोजगार. लेकिन कुछ एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत दूसरे बाजारों जैसे यूरोप की तरफ मुड़ सकता है. जैसे, इंडिया-ईयू एफटीए पर बातचीत तेज हो रही है.

जियोपॉलिटिकल एंगल: बड़ा खेल क्या है?

ये सिर्फ ट्रेड वॉर नहीं, बल्कि बड़ा जियोपॉलिटिकल मोमेंट है. ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" पॉलिसी से भारत-अमेरिका रिश्ते नए निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जो ट्रंप को पसंद नहीं. साथ ही, मोदी-ट्रंप की बातचीत में पाकिस्तान वाले मुद्दे पर मतभेद हैं.

दुनिया में फायदा किसको?

चीन, वियतनाम, मैक्सिको, पाकिस्तान जैसे देशों को इसका फायदा होगा. वो अमेरिका को सस्ता सामान देकर बाजार हथिया लेंगे. भारत को अब क्वाड या इंडो-पैसिफिक जैसे गठबंधनों में अमेरिका के साथ बैलेंस करना पड़ेगा. क्या मोदी-ट्रंप की अगली मीटिंग में कोई राहत मिलेगी? ये देखना बाकी है.

भारत क्या कर सकता है?

भारत सरकार चुप नहीं बैठी. वो अमेरिका से बात कर रही है, और अपना टैरिफ बढ़ाने या वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) जाने की सोच रही है. कुछ देशों जैसे जिम्बाब्वे या इजराइल ने ऐसे टैरिफ से निपटने के लिए क्विक फिक्स किए हैं, भारत भी वैसा ट्राय कर सकता है.

साथ ही, "मेक इन इंडिया" को बूस्ट देकर घरेलू उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा. ये टैरिफ भारत के लिए चुनौती है, लेकिन मौका भी. अगर हम स्मार्टली डील करें, तो नए बाजार ढूंढ सकते हैं. ट्रंप का ये कदम दिखाता है कि ग्लोबल ट्रेड में कुछ भी स्थिर नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2025 07:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).