रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति की जमकर तारीफ की है. उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा है कि भारत एक ऐसा देश है, जो किसी के भी सामने अपनी बेइज्ज़ती बर्दाश्त नहीं करेगा और नई दिल्ली को कोई झुका नहीं सकता.
पुतिन ने यह बातें सोची में हुए वल्दाई डिस्कशन क्लब के एक कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर रूसी कच्चा तेल न खरीदने के लिए बनाए जा रहे दबाव की कड़ी आलोचना की.
'मोदी एक समझदार और संतुलित नेता हैं'
पुतिन ने पीएम मोदी को एक "संतुलित और समझदार नेता" बताया और कहा कि भारत और रूस के बीच एक "विशेष" रिश्ता है. उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को जानता हूं. वह कभी भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जो उनके देश के हितों के खिलाफ हो. भारत के लोग अपने नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों पर करीब से नजर रखते हैं और वे कभी भी किसी के सामने अपमान की इजाजत नहीं देंगे."
Want to buy more agricultural & pharmaceutical products from India, says Russian President Putin; Mentions about AI cooperation with Indian govt. pic.twitter.com/R396MjI9Zs
— Sidhant Sibal (@sidhant) October 3, 2025
तेल खरीदने का गणित समझाया
पुतिन ने समझाया कि भारत का रूस से तेल खरीदना पूरी तरह से एक आर्थिक फैसला है, इसमें कोई राजनीति नहीं है. उन्होंने कहा, "अगर भारत हमारी एनर्जी सप्लाई से इनकार करता है, तो उसे करीब 9-10 अरब डॉलर का नुकसान होगा. और अगर वह इनकार नहीं करता, तो अमेरिका उस पर प्रतिबंध लगाएगा, जिससे भी लगभग उतना ही नुकसान होगा. तो फिर कोई देश अपने घरेलू राजनीतिक हितों को दांव पर लगाकर ऐसा फैसला क्यों करेगा?"
पुतिन ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैक्स से होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से सस्ते तेल के आयात से हो जाएगी, और साथ ही एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में भारत की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी.
अमेरिका ने लगाया था आरोप और टैरिफ
पुतिन की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ हफ्तों बाद आई है, जिसमें उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में चीन और भारत को यूक्रेन युद्ध का "मुख्य फंडर" कहा था. अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने की सज़ा के तौर पर भारतीय सामानों पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था, जिससे कुल टैक्स 50% हो गया था.
पुराने दिनों को किया याद
पुतिन ने सोवियत संघ के दिनों से भारत-रूस के संबंधों को याद किया. उन्होंने कहा, "जब भारत अपनी आजादी के लिए लड़ रहा था, तब से हमारे रिश्ते खास हैं. भारत में लोग इसे याद रखते हैं, जानते हैं और इसकी कद्र करते हैं. हमारे भारत के साथ कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा."
पुतिन ने कहा, "हम हमेशा विभिन्न प्रमुख मुद्दों पर अपने देशों की स्थिति को सुनते हैं और उसे ध्यान में रखते हैं. हमारे विदेश मंत्रालय मिलकर बहुत निकटता से काम करते हैं."
व्यापारिक असंतुलन को कम करने के लिए, पुतिन ने सुझाव दिया कि रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है. उन्होंने पीएम मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि उनके साथ बातचीत में उन्हें हमेशा सहजता महसूस होती है.













QuickLY