UP Elections: खत्म नहीं हो रहा भाई-भतीजावाद, कई सीटों पर अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने को तैयार नए चेहरे
उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव समापन की ओर बढ़ रहा है, राजनेताओं के और बेटे मैदान में उतर रहे हैं. भाई-भतीजावाद के खिलाफ अभियान शुरू करने और समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने नेताओं के बच्चों को मैदान में उतारने से नहीं हिचकिचा रही है.
लखनऊ, 21 फरवरी : उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव समापन की ओर बढ़ रहा है, राजनेताओं के और बेटे मैदान में उतर रहे हैं. भाई-भतीजावाद के खिलाफ अभियान शुरू करने और समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने नेताओं के बच्चों को मैदान में उतारने से नहीं हिचकिचा रही है. गौरव वर्मा, कैसरगंज (बहरीच) से चुनावी मैदान में हैं. इस सीट का प्रतिनिधित्व उनके पिता और योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा कर रहे हैं.
आरएसएस के एक पूर्व पदाधिकारी, 76 वर्षीय वर्मा ने तीन बार (2002, 2012 और 2017) कैसरगंज का प्रतिनिधित्व करने के बाद अपने बेटे के लिए सीट पाने में कामयाबी हासिल की है. गौरव एक वकील हैं, लेकिन अपने पिता का व्यवसाय भी देखते हैं.इसके अलावा अशोक कोरी सैलून आरक्षित सीट (रायबरेली) से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिसका प्रतिनिधित्व उनके पिता दल बहादुर कोरी ने किया है, जिन्होंने पिछले साल मई में कोविड के कारण दम तोड़ दिया था. दल बहादुर ने भाजपा के टिकट पर तीन बार (1991, 1993 और 2017) सैलून सीट जीती थी.
एयर इंडिया के सुरक्षा विभाग से इस्तीफा देने वाले 42 वर्षीय अशोक ने कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र से ही अपने पिता का सहयोग करना शुरू कर दिया था. उन्होंने कहा, "इस लिहाज से मैं भाजपा का पुराना कार्यकर्ता हूं." इसी तरह, कमलाकांत राजभर दीदारगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर राजनीतिक मैदान में उतरेंगे, जिसका प्रतिनिधित्व उनके पिता और बसपा के वरिष्ठ नेता सुखदेव राजभर ने किया, जिनका पिछले साल अक्टूबर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. मायावती शासन के दौरान राजभर विधानसभा अध्यक्ष थे. यह भी पढ़ें : आईटी मंत्रालय ने आंकड़े साझा करने, उपयोग को लेकर नीति का मसौदा जारी किया
हालांकि, कमलाकांत अपने पिता के जीवित रहने पर एसपी की ओर चले गए थे. राजभर ने फिर अपने बेटे के फैसले का समर्थन करते हुए राजनीति छोड़ दी थी. लालगंज और दीदारगंज से पांच बार विधायक रहे सुखदेव 1993-95 में सपा और बसपा की गठबंधन सरकार के दौरान राज्य मंत्री थे. वह 1997 में कल्याण सिंह सरकार में भी मंत्री थे. इसी तरह समाजवादी पार्टी के नेता दिवंगत पारस नाथ यादव के बेटे लकी यादव अपने पिता की विरासत संभालेंगे और जौनपुर की मल्हानी सीट से चुनाव लड़ेंगे. सात बार के विधायक और जौनपुर से दो बार के सांसद पारस नाथ का जून 2020 में कोविड के कारण निधन हो गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 22, 2022 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

