कासगंज, 20 मई : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कासगंज में 724 करोड़ रुपए की 60 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने 25.63 हेक्टेयर में फैली नवनिर्मित अत्याधुनिक पुलिस लाइंस का उद्घाटन भी किया. इसे बनाने में योगी सरकार ने 191 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार कासगंज के पौराणिक और आध्यात्मिक विकास के साथ ही बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. 2008 में बना कासगंज जिला विकास के लिए तरस रहा था. 2017 से पहले की सरकारों के एजेंडे में विकास कभी नहीं रहा, अराजकता और भ्रष्टाचार ही उनकी पहचान थी. आज कासगंज विकास के पथ पर तेजी से दौड़ रहा है. कासगंज में नवनिर्मित पुलिस लाइंस उत्तर प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा. 191 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह पुलिस लाइंस 1,000 पुलिस कर्मियों के लिए बैरक, अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं, ऑडिटोरियम और अन्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त है. यह भी पढ़ें : राजस्थान: भ्रष्टाचार के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित तीन व्यक्ति पकड़े गए
उन्होंने कहा कि पहले पुलिसकर्मी टूटी-फूटी बैरकों में रहने को मजबूर थे, लेकिन अब हाई-राइज इमारतों में शानदार आवासीय सुविधाएं दी जा रही हैं. यह पुलिस लाइंस देश के लिए एक मॉडल है. उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की तारीफ करते हुए कहा कि यह पुलिस को सशक्त बनाने और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. आज यूपी पुलिस माफियाओं के लिए काल बन चुकी है. कोई माफिया समानांतर सरकार नहीं चला सकता, न ही गरीब की संपत्ति पर कब्जा कर सकता है. बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करने वालों को यमराज का इंतजार करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि जैसे देश की सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने सेना का आधुनिकीकरण किया, जिसका परिणाम 'ऑपरेशन सिंदूर' में देखने को मिला, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया. अगर हमारे पास मजबूत सेना और बहादुर जवान न होते, तो देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी. आज भारतीय सेना दुश्मन के घर में घुसकर उसका खात्मा करने की क्षमता रखती है. वैसे ही देश और राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए पुलिस का आधुनिकीकरण करना जरूरी है.
सीएम योगी ने 2017 से पहले की समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था. शाम होते ही सड़कों पर कर्फ्यू जैसा दृश्य होता था. उपद्रवी सड़कों पर तांडव करते थे. न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी. हर तीसरे दिन दंगे होते थे और पर्व-त्योहारों से पहले लोगों के मन में डर समा जाता था. 2008 में कासगंज जिले के गठन के बाद भी पूर्ववर्ती सरकारों ने पुलिस लाइंस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं. 2008 से 2017 तक, न जमीन दी गई, न पैसा. 12 जिलों में पुलिस लाइंस नहीं थीं. डीएम और एसपी को ब्लॉक में बैठना पड़ता था. ऐसी स्थिति में 25 करोड़ की आबादी की सुरक्षा कैसे संभव थी? पूर्ववर्ती सरकारें गुंडों के साथ मिलकर अराजकता फैलाती थी, सज्जनों को प्रताड़ित करती थी और विकास ठप था.
मुख्यमंत्री ने कासगंज की आध्यात्मिक और पौराणिक महत्ता की चर्चा करते हुए कहा कि यह भगवान विष्णु के वराह अवतार और महर्षि कपिल की तपोभूमि है. सीएम योगी ने कहा कि सोरों का महत्व संभल के समान है. संभल भगवान विष्णु के दसवें अवतार की भूमि है, तो सोरों तीसरे अवतार की. यह हमारा सौभाग्य है कि डबल इंजन सरकार ने इस आध्यात्मिक महत्व को समझा और विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया, जैसे अयोध्या, मथुरा और वृंदावन का विकास हो रहा है, वैसे ही सोरों का भी विकास होगा. प्रयागराज महाकुंभ ने दिखाया कि आस्था को आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकता है. सोरों भी ऐसा ही उदाहरण बनेगा.
सीएम ने कासगंज में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी, जो प्री-प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि पहले चरण में इस प्रकार के विद्यालय को जिला स्तर पर, फिर तहसील, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर विद्यालय स्थापित किए जाएंगे. गरीब का बच्चा भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर देश के विकास में योगदान देगा. स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, नगरीय विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी 724 करोड़ की परियोजनाओं से कासगंज में समग्र विकास को गति मिलेगी.













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