Varanasi Medical College: उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बड़ी घोषणा की है. प्रदेश के वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट 2025-26 पेश करते हुए वाराणसी में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसके साथ ही शहर में एक राजकीय होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का भी ऐलान किया गया है.
मेडिकल कॉलेज बनने से मरीजों को मिलेगी राहत
मेडिकल कॉलेज की स्थापना से वाराणसी और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और उन्हें इलाज के लिए अन्य शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा. इससे एमबीबीएस की 100 सीटों पर छात्रों को मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा.
पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय में बनेगा मेडिकल कॉलेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी 2024 को वाराणसी के पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय जिला चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी थी. पिछले बजट में इस परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया था, जिसे इस बजट में लागू कर दिया गया है.
सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 430 बेड वाले इस मेडिकल कॉलेज में एक ही छत के नीचे सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
मेडिकल कॉलेज के लिए 15 एकड़ भूमि निर्धारित
मेडिकल कॉलेज को भव्य रूप देने के लिए जिला अस्पताल के सामने मानसिक अस्पताल के बगल में स्थित 15 एकड़ भूमि को फाइनल किया गया है.
दमानी ग्रुप के साथ हुआ MOU
दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए दमानी ग्रुप के साथ समझौता (MOU) हुआ था. इसके तहत दमानी ग्रुप तीन ब्लॉक – एडमिनिस्ट्रेटिव, एकेडमिक और हॉस्टल की बिल्डिंग का निर्माण करेगा.
2026 तक पूरा होगा निर्माण कार्य
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 2027 से इसमें चिकित्सा सेवाएं और एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो सके.
होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज भी बनेगा
वित्त मंत्री ने वाराणसी में राजकीय होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज की भी घोषणा की है. इससे क्षेत्र में होमियोपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा और युवा इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे.
वाराणसी को मिलेगा चिकित्सा हब का दर्जा
इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण से वाराणसी को चिकित्सा हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी. यह अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि पूर्वांचल के अन्य जिलों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.













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