Twisha Sharma Death Case: भोपाल कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को 2 जून तक सीबीआई कस्टडी में भेजा, होगी सघन पूछताछ
नोएडा निवासी त्विषा शर्मा की संदिग्ध दहेज मृत्यु के मामले में भोपाल की एक विशेष अदालत ने बड़ा कदम उठाया है. कोर्ट ने मृतका की सास और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह तथा पति समर्थ सिंह को 2 जून तक पांच दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गुरुवार को पूर्व जज को गिरफ्तार किया था. अब जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी.
भोपाल, 29 मई: नोएडा (Noida) की रहने वाली ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की कथित दहेज हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. भोपाल (Bhopal) की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को मामले की मुख्य आरोपी व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) और सह-आरोपी समर्थ सिंह (Samarth Singh) को पांच दिनों की सीबीआई (CBI) रिमांड पर भेज दिया है. विशेष न्यायाधीश शोभना भालावे ने केंद्रीय जांच एजेंसी की याचिका को स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को 2 जून तक हिरासत में रखने और सघन पूछताछ करने की अनुमति प्रदान की है. इस आदेश के बाद अब सीबीआई इस हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों आरोपियों से एक साथ पूछताछ करेगी. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma case: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को आज कोर्ट में पेश करेगी सीबीआई, कल घर पर हुई थी 7 घंटे पूछताछ
हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद कोर्ट में हुई पेशी
सीबीआई ने शुक्रवार को भोपाल जिला अदालत के समक्ष मृतका त्विषा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की पांच दिनों की कस्टडी मांगी थी. इसके साथ ही जांच एजेंसी ने मृतका के पति समर्थ सिंह की पहले से जारी रिमांड को भी पांच दिनों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के वकील ने स्पष्ट किया कि उन्हें जांच के उद्देश्य से सीबीआई द्वारा मांगी गई इस रिमांड पर कोई आपत्ति नहीं है.
यह अदालती आदेश पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गुरुवार को हुई नाटकीय गिरफ्तारी के बाद आया है. इससे ठीक एक दिन पहले, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) ने इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया था, जिसके बाद सीबीआई के लिए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था.
निचली अदालत से मिली राहत को हाईकोर्ट ने किया था खारिज
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 15 मई को भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (अग्रिम जमानत) प्रदान किया था. हालांकि, मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई इस राहत को पूरी तरह से खारिज और रद्द कर दिया. कोर्ट से पूर्व-गिरफ्तारी संरक्षण हटने के तुरंत बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आवश्यक खोजी कदम उठाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case:ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया, भोपाल स्थित आवास पर पूछताछ जारी
दहेज प्रताड़ना और नवविवाहिता की मौत से जुड़ा है मामला
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली त्विषा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह के साथ संपन्न हुआ था. विवाह के महज कुछ महीनों बाद ही, 12 मई 2026 को भोपाल में त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत के तुरंत बाद मृतका के मायके वालों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनके पति और सास (पूर्व जज) द्वारा उसे अतिरिक्त दहेज के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.
यह मामला देश में हाल ही में लागू की गई 'भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023' और 'दहेज निषेध अधिनियम, 1961' के कड़े प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है. पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह पर बीएनएस की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), धारा 85 (पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता), और धारा 3(5) (साझा इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कृत्य) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा, उन पर दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है. सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि वे कस्टडी के दौरान घटना से जुड़े डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सत्यापित करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 29, 2026 04:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

