नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले (Twisha Sharma case) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) यानी सीबीआई (CBI) आज शुक्रवार, 29 मई को पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) को अदालत में पेश करेगी. सीबीआई ने यह कदम मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उठाया है. इससे पहले कल, गुरुवार को जांच एजेंसी ने भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके आवास पर लगभग सात घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी, जिसके बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case:ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया, भोपाल स्थित आवास पर पूछताछ जारी
एमएएनआईटी परिसर में कराया गया मेडिकल टेस्ट
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीबीआई टीम गिरिबाला सिंह को मेडिकल जांच के लिए भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) परिसर लेकर पहुंची.
मध्य प्रदेश पुलिस की औपचारिक अनुमति के बाद एमएएनआईटी परिसर के भीतर ही एक विशेष मेडिकल कैंप स्थापित किया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी शारीरिक जांच की। इस प्रक्रिया के दौरान परिसर में एक एंबुलेंस को भी तैनात देखा गया था.
गिरफ्तारी से पहले घर पर सात घंटे की सघन पूछताछ
सीबीआई की एक विशेष टीम भारी पुलिस बल के साथ गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित आवास पर पहुंची थी. हिरासत में लेने और मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाने से पहले एजेंसी के अधिकारियों ने बंद कमरे में उनसे लंबी पूछताछ की.
इसी बीच, कानूनी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सीबीआई के आला अधिकारी भोपाल के प्रधान जिला जज मनोज कुमार श्रीवास्तव के आवास पर भी पहुंचे. अधिकारियों को अपने साथ गिरफ्तारी से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज ले जाते देखा गया, जिसके जरिए स्थानीय न्यायिक प्रशासन को इस कार्रवाई की औपचारिक सूचना दी गई.
हाई कोर्ट ने रद्द की थी अंतरिम जमानत; पति भी कस्टडी में
यह पूरी कार्रवाई मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा बुधवार को दिए गए एक ऐतिहासिक 17 पन्नों के आदेश के बाद शुरू हुई है. हाई कोर्ट ने भोपाल जिला अदालत द्वारा 15 मई को गिरिबाला सिंह को दी गई अंतरिम राहत (अग्रिम जमानत) को पूरी तरह रद्द कर दिया था.
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह से हुई थी. इसके महज पांच महीने बाद, 12 मई को ट्विशा अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. इस मामले में मृतका के पति समर्थ सिंह को पहले ही 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है और बुधवार को कोर्ट ने उसे भी सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है.
व्हाट्सएप चैट और गर्भपात के दबाव ने बढ़ाई मुश्किलें
उच्च न्यायालय ने अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया था कि मृतका के परिवार के बयान और व्हाट्सएप चैट्स (WhatsApp Chats) साफ तौर पर इशारा करते हैं कि उत्पीड़न के आरोप केवल पति समर्थ सिंह तक सीमित नहीं थे, बल्कि इसमें सास गिरिबाला सिंह की संलिप्तता के भी पर्याप्त संकेत हैं.
इसके अतिरिक्त, अदालत ने उन गंभीर आरोपों का भी संज्ञान लिया जिसमें ट्विशा पर गर्भपात (Pregnancy Terminate) कराने का दबाव बनाने की बात कही गई थी. कोर्ट ने नोट किया कि शादी के इन पांच महीनों के भीतर ट्विशा द्वारा गर्भपात कराया जाना इस मामले का एक स्थापित और स्वीकृत तथ्य है. इन सभी गंभीर पहलुओं को देखते हुए सीबीआई अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर आगे की कस्टोडियल पूछताछ की तैयारी कर रही है.











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