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गूगल मैप्स ने दिया धोखा! राजस्थान में उफनती नदी में बही कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में गूगल मैप्स के दिखाए रास्ते पर चलकर एक परिवार की कार उफनती बनास नदी में गिर गई. पुलिस की चेतावनी के बावजूद ड्राइवर ने मैप पर दिख रहे टूटे-फूटे पुल का रास्ता चुना. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच को बचा लिया गया.

गूगल मैप्स ने दिया धोखा! राजस्थान में उफनती नदी में बही कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत
(Photo : X)

Google Maps Glitch in Rajasthan: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां गूगल मैप्स (Google Maps) पर भरोसा करना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ. नौ सदस्यों को ले जा रही एक कार बनास नदी (Banas River) के तेज बहाव में बह गई, जिसमें दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला?

रश्मि इलाके का रहने वाला एक परिवार भीलवाड़ा जिले (Bhilwara) के सवाई भोज में दर्शन करने गया था. मंगलवार की रात को वे अपने गांव काना खेड़ा लौट रहे थे. रास्ते में वे एक रिश्तेदार के घर रात के खाने के लिए रुके.

देर रात जब उनकी कार बनास नदी के पास पहुंची, तो नदी का बहाव बहुत तेज था. नदी के किनारे तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोका और नदी पार न करने की सलाह दी.

गूगल मैप्स पर भरोसा पड़ा भारी

पुलिस की चेतावनी के बावजूद, कार के ड्राइवर मदनलाल गदरी ने गूगल मैप्स पर एक वैकल्पिक रास्ता खोजा. मैप ने उन्हें मातृकुंडिया होते हुए सोमी गांव की तरफ से एक रास्ता दिखाया, जो नदी के ऊपर बने एक पुल से होकर गुजरता था.

परिवार ने मैप पर भरोसा किया और उस रास्ते पर आगे बढ़ गया. लेकिन सोमी रोड पर बना यह पुल पहले से ही कई जगहों से टूटा-फूटा और जर्जर हालत में था. जैसे ही कार पुल पर चढ़ी, वह एक गड्ढे में फँस गई. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, नदी के तेज बहाव ने कार को अपनी चपेट में ले लिया और बहा ले गई.

बचाव कार्य और दुखद अंत

हादसे की जानकारी मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा. स्थानीय गोताखोरों, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया. कार में सवार नौ लोगों में से पांच को सुरक्षित बचा लिया गया. लेकिन दो महिलाएं और दो बच्चियां नदी के तेज बहाव में बह गईं.

बुधवार तक बचाव दल ने दोनों महिलाओं और एक बच्ची के शव को नदी से बरामद कर लिया. एक और बच्ची की तलाश अभी भी नावों और गोताखोरों की मदद से जारी है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है.

अधिकारियों की अपील

प्रशासन ने कहा है कि मानसून के दौरान बार-बार चेतावनी जारी की जाती है, लेकिन लोग अक्सर जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर डिजिटल मैप्स पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे ऐसे दुखद हादसे हो जाते हैं. अधिकारियों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश और नदी में तेज बहाव के दौरान ऐसे रास्तों से बचें और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा के लिए पूरी तरह से गूगल मैप्स पर निर्भर न रहें.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2025 09:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).