Tractor Rally: दिल्ली पुलिस की FIR में निर्धारित मार्ग का उल्लंघन करने वाले 30 वाहनों का जिक्र, मालिकों की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली के लिए निर्धारित मार्ग का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने प्राथमिकी में ट्रैक्टर सहित ऐसे 30 वाहनों को सूचीबद्ध किया है, जिन्होंने निर्धारित मार्ग का उल्लंघन किया. पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों का पता लगाने में जुट गई है.
दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर ट्रैक्टर रैली के लिए निर्धारित मार्ग का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने प्राथमिकी में ट्रैक्टर सहित ऐसे 30 वाहनों को सूचीबद्ध किया है, जिन्होंने निर्धारित मार्ग का उल्लंघन किया. पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों का पता लगाने में जुट गई है. पुलिस के अनुसार, वाहनों ने जो मार्ग निर्धारित किया था, उसका उल्लंघन किया और इन वाहनों पर सवार लोगों ने हिसा फैलाई. इसके साथ ही उन्होंने 26 जनवरी को आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले भी किए.
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पिस्तौल, गोला बारूद और यहां तक कि गैस गन्स भी छीन लीं. दिल्ली पुलिस की विशेष यूनिट्स क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा के सिलसिले में हिंसक प्रदर्शनकारियों और एफआईआर में नामजद लोगों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में एफआईआर में नामजद किसान नेताओं के खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर जारी किया है. पुलिस ने कहा कि उनके पासपोर्ट को सरेंडर करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे देश से बाहर न जाएं. एफआईआर में किसान नेता राकेश टिकैत, दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्ज गिल, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, अविक साहा और जोगिंदर सिंह सहित कुल 37 किसान नेताओं का नाम है. किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में इन किसान नेताओं को नामजद किया गया है. यह भी पढ़े: Farmers Protest: किसान आंदोलन के खिलाफ दिल्ली पुलिस हुई सख्त, सिंघू सीमा पर सड़क खोदने के लिए तैयार किया JCB मशीन, देखें वीडियो
किसानों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 147, 148 (हिंसा या दंगा करने से संबंधित), 120 बी (आपराधिक साजिश) और 307 (हत्या का प्रयास) शामिल हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हिंसा में 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कुछ गंभीर पुलिसकर्मियों को आईसीयू में भी भर्ती कराना पड़ा है. अभी तक 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है. 26 जनवरी को पुलिस पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हिंसक प्रदर्शनकारियों की पहचान करने के लिए पुलिस सभी उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2021 07:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

