NCRB Crime Report: यूपी के अपराधियों में योगी का खौफ! प्रदेश में डकैती का क्राइम रेट जीरो, एनसीआरबी ने जारी किया रिपोर्ट
देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के मुकाबले यूपी दर्ज मुकदमों में 20वें स्थान पर है. जबकि, उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है. इसका रेश्यो 16.89 प्रतिशत है, जो यह दर्शाता है कि कई छोटे राज्यों की तुलना में यूपी में अपराधिक घटनाओं में काफी कमी आई है.
NCRB Crime Report: उत्तर प्रदेश में डकैती का क्राइम रेट जीरो है. एनसीआरबी के आंकड़ों पर गौर करें तो देश में 35 लाख से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए. जबकि, यूपी में 4,01,787 ही मुकदमे हुए. पूरे देश के क्राइम रेट 258.1 प्रतिशत के सापेक्ष यूपी का 171.6 प्रतिशत है, जबकि देश में दर्ज मुकदमों के सापेक्ष यूपी में दर्ज मुकदमों का रेश्यो 11.28 प्रतिशत रहा. देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के मुकाबले यूपी दर्ज मुकदमों में 20वें स्थान पर है. जबकि, उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है. इसका रेश्यो 16.89 प्रतिशत है, जो यह दर्शाता है कि कई छोटे राज्यों की तुलना में यूपी में अपराधिक घटनाओं में काफी कमी आई है. यह भी पढ़ें: एनसीआरबी रिपोर्ट्स में चौकानें वाला खुलासा, भारत में 2022 में हर दिन अपहरण के 294 से अधिक मामले किये गये दर्ज, टॉप पर यूपी
इसके अलावा महिला संबंधी अपराधों में सजा दिलाने में यूपी ने बड़े राज्यों में बाजी मारी है. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार देश में हत्या के 28,522 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट (प्रति एक लाख जनसंख्या के सापेक्ष अपराधों की संख्या को अपराध दर के रूप में परिभाषित किया गया) 2.1 प्रतिशत है. उत्तर प्रदेश में हत्या के 3,491 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसका क्राइम रेट 1.5 प्रतिशत है.
ऐसे में हत्या के मामले में यूपी 28वें स्थान पर है। वहीं, उत्तर प्रदेश से अधिक झारखंड में हत्या का क्राइम रेट 4 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश का क्राइम रेट 3.6 प्रतिशत और छत्तीसगढ़, हरियाणा का 3.4 प्रतिशत है. इसी तरह देश में हत्या के प्रयास के 57,256 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 4.1 प्रतिशत है. उत्तर प्रदेश में हत्या के प्रयास के 3,788 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 1.6 प्रतिशत के साथ पूरे देश में यूपी 25वें स्थान पर है.
देश में फिरौती के अपहरण के 615 मुकदमे दर्ज किए गए जबकि उत्तर प्रदेश में महज 30 मुकदमे दर्ज किए गए. ऐसे में फिरौती के अपहरण के मुकदमे के मामले में यूपी 30 वें स्थान पर है. देश में दुष्कर्म के 31,516 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 4.7 प्रतिशत है.
यूपी में दुष्कर्म के 3,690 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 3.3 प्रतिशत के साथ यूपी देश में 24वें स्थान पर है। वहीं, यूपी से अधिक उत्तराखंड में दुष्कर्म का क्राइम रेट 15.4 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 13.9 प्रतिशत और राजस्थान 13.9 प्रतिशत है.
देश में लूट के 28,356 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 2.1 प्रतिशत है। यूपी में 1,975 मुकदर्म दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 0.8 प्रतिशत के साथ यूपी देश में 27वें स्थान पर है. जबकि, यूपी से अधिक लूट में दिल्ली का क्राइम रेट 8.6 प्रतिशत, ओडिशा का 6.5 प्रतिशत है.
देश में डकैती के 2,666 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट 0.2 प्रतिशत है. यूपी में डकैती के 80 मुकदमे दर्ज किए गए, जिसका क्राइम रेट शून्य के साथ 31वें स्थान पर है. यूपी से अधिक ओडिशा में डकैती का क्राइम रेट 0.9 प्रतिशत, मेघालय में 0.5 और चंडीगढ़ में 0.4 प्रतिशत है.
देश में पॉक्सो एक्ट के तहत 63,414 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसका क्राइम रेट 14.3 प्रतिशत है. यूपी में पॉक्सो एक्ट के तहत 8,136 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसका क्राइम रेट 9.5 प्रतिशत के साथ यूपी देश में 25वें स्थान पर है. वहीं यूपी से अधिक अंडमान निकोबार का क्राइम रेट 97.1 प्रतिशत, लक्षद्वीप का 55.3 प्रतिशत और सिक्किम का 50 प्रतिशत है.
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार देश का महिला संबंधी अपराध में सजा दिलाने की राष्ट्रीय औसत दर 25.3 प्रतिशत है. वर्ष 2022 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में 70.8 प्रतिशत महिला संबंधी अपराधों में सजा दिलायी गई है. वहीं मिजोरम में 68 प्रतिशत, बिहार में 60.9 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 59.5 प्रतिशत और मणिपुर में 56.4 प्रतिशत महिला संबंधी अपराधों में सजा दिलायी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 05, 2023 10:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

