VIDEO: फ्लाइट में पहली बार बच्चे बैठे, 5 लाख खर्च कर हेडमास्टर ने छात्रों का सपना किया पूरा, कोप्पल जिले के शिक्षक की पहल बनी मिसाल

सरकारी स्कूलों के बहुत कम ऐसे टीचर होते है, जो छात्रों के साथ अपने व्यवहार के कारण उनका दिल जीत लेते है. लेकिन कर्नाटक के कोप्पल जिले की एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने ऐसा कुछ किया की अब उनकी तारीफ पूरे शहर में हो रही है.

Students were made to travel by plane (Credit-@ndtv)

Koppal News: कर्नाटक (Karnataka) के कोप्पल (Koppal) जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने अपने विद्यार्थियों को जिंदगी का यादगार अनुभव दिलाया. गांव के बच्चों को पहली बार हवाई यात्रा (Air Travel) कराने के लिए शिक्षक ने अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च कर दिए.बहादुरिबंडी गांव (Bahadduribandi Village) स्थित सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय (Government Higher Primary School) के प्रधानाध्यापक बीरप्पा अंडागी (Beerappa Andagi) ने विद्यार्थियों को पहली बार विमान में बैठने का अवसर दिया.

उन्होंने अपनी निजी बचत से करीब 5 लाख रुपये खर्च कर बच्चों के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था की. इसका वीडियो सोशल मीडिया X पर @ndtv नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Baby Elephant Viral Video: केरल के स्कूल में अचानक से आ पहुंचा नन्हा हाथी, अपनी क्यूटनेस से जीता दिल

हेडमास्टर ने करवाया छात्रों को हवाई सफर 

तोरणगल्लू से बेंगलुरु तक खास फ्लाइट

चयनित छात्र तोरणगल्लू के जिंदल एयरपोर्ट (Jindal Airport, Toranagallu) से बेंगलुरु (Bengaluru) तक विशेष विमान से रवाना हुए. इस यात्रा में कक्षा 5 से 8 (Classes 5 to 8) के कुल 24 छात्र (24 Students) शामिल थे.

शिक्षकों और स्टाफ के साथ 40 लोगों का दल

बच्चों के साथ शिक्षक (Teachers), मिड-डे मील स्टाफ (Mid-Day Meal Staff) और स्कूल विकास एवं निगरानी समिति (SDMC – School Development and Monitoring Committee) के सदस्य भी गए. इस तरह पूरे दल में करीब 40 लोग (40 Members) शामिल रहे.

परीक्षा के आधार पर हुआ चयन

इस अनोखी यात्रा के लिए छात्रों का चयन विशेष परीक्षा (Special Test) के जरिए किया गया. कक्षा 5 से 8 तक हर कक्षा के टॉप 6 छात्र (Top 6 Performers) इस यात्रा के लिए चुने गए.

पहली बार विमान में बैठे बच्चे

कई छात्रों के लिए यह अनुभव बेहद खास था, क्योंकि उन्होंने इससे पहले केवल आसमान में उड़ते विमान (Aircraft) ही देखे थे. पहली बार फ्लाइट में बैठना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा रहा.

बेंगलुरु में दो दिन का शैक्षणिक दौरा

बेंगलुरु में बच्चों ने दो दिन (Two-Day Trip) बिताए, जहां उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों (Educational Institutions) और पर्यटन स्थलों (Tourist Places) का भ्रमण किया. इससे बच्चों को गांव से बाहर की दुनिया को समझने और सीखने का अवसर मिला.

हर तरफ हो रही सराहना

हेडमास्टर बीरप्पा अंडागी की इस पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा (Appreciation) हो रही है. लोग इसे शिक्षा के प्रति समर्पण और बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम बता रहे हैं.

 

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