तेलंगाना: बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाले सरकारी कर्मियों पर गिरेगी गाज, वेतन से कटेंगे 15% या ₹10,000
तेलंगाना सरकार एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में एक ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा संभावित है, जिसके तहत अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10% की कटौती की जा सकती है
तेलंगाना सरकार (Telangana Govt) एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (CM A. Revanth Reddy) की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में एक ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा संभावित है, जिसके तहत अपने बुजुर्ग माता-पिता (Mother- Father) की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 10% की कटौती की जा सकती है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिवार के भीतर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करना है.
कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी चल रहे बजट सत्र के दौरान इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखेंगे. यदि कैबिनेट इस पर अपनी मुहर लगाती है, तो तेलंगाना देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां कर्मचारियों के वेतन को सीधे तौर पर उनके माता-पिता के प्रति नैतिक और कानूनी जिम्मेदारियों से जोड़ा गया है. यह भी पढ़े: Non-AC Train Coaches: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, रेलवे अगले 2 साल में आम यात्रियों के लिए बनाएगी करीब 10,000 नॉन-एसी कोच
कानून की आवश्यकता और उद्देश्य
यह प्रस्तावित कानून आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों में भी बुजुर्गों की उपेक्षा और उनके परित्याग की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए लाया जा रहा है. वर्तमान में 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' जैसे कानून अस्तित्व में हैं, लेकिन नया प्रस्ताव इसे और अधिक सख्त बनाते हुए सीधे आर्थिक जवाबदेही तय करेगा. सरकार का मानना है कि इससे वरिष्ठ नागरिकों के प्रति पारिवारिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी.
प्रवर्तन और कार्यान्वयन प्रक्रिया
अधिकारियों के संकेत के अनुसार, सरकार इस कानून को जल्द से जल्द लागू करने के लिए इसे इसी बजट सत्र में पारित करने की कोशिश कर सकती है. कैबिनेट बैठक के बाद इस कानून के मसौदे और इसे लागू करने की प्रक्रिया (Enforcement Mechanism) पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है. इसमें यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि शिकायत दर्ज करने और जांच की प्रक्रिया क्या होगी.
कर्मचारियों के कल्याण के लिए अन्य कदम
एक ओर जहां सरकार अनुशासन और जिम्मेदारी पर जोर दे रही है, वहीं मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के वित्तीय हितों का भी ध्यान रखा है. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित बिलों के भुगतान के लिए हर महीने 1,000 करोड़ रुपये जारी कर रही है. उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनसे राजस्व बढ़ाने और अनियमितताओं को रोकने में सहयोग की अपील की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 24, 2026 08:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

