Shivaji Maharaj-Tipu Sultan Row: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मांगी बिना शर्त माफी, बीजेपी पर लगाया बयान मरोड़ने का आरोप
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना वाले अपने बयान पर मचे राजनीतिक बवाल के बाद माफी मांग ली है. उन्होंने भाजपा पर उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है.
- Read in
- English
Shivaji Maharaj-Tipu Sultan Row: महाराष्ट्र कांग्रेस (Maharashtra Congress) के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshwardhan Sapkal) ने मंगलवार को छत्रपति शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) और मैसूर (Mysore) के शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) की तुलना को लेकर उपजे विवाद पर बिना शर्त माफी मांग ली है. सपकाल की इस टिप्पणी ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था, जिसके बाद पुणे सहित कई हिस्सों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. माफी व्यक्त करते हुए सपकाल ने दावा किया कि उनके बयान को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ‘जानबूझकर मरोड़कर’ पेश किया ताकि सामाजिक तनाव बढ़ाया जा सके. यह भी पढ़ें: Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी को कर्नाटक HC से बड़ी राहत, 'करप्शन रेट कार्ड' मानहानि मामले में याचिका रद्द
क्या था विवादित बयान?
विवाद की शुरुआत पिछले शनिवार को हुई थी जब हर्षवर्धन सपकाल मालेगांव में एक 'पोर्ट्रेट विवाद' पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने दोनों ऐतिहासिक हस्तियों को "वीरता की एक ही श्रेणी" का बताया था। सपकाल ने सुझाव दिया था कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए शिवाजी महाराज के "स्वराज्य" से प्रेरणा ली थी। इस बयान के बाद पुणे में हिंसक झड़पें हुईं और सार्वजनिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में सपकाल के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई।
मालेगांव से शुरू हुआ विरोध
यह विवाद असल में मालेगांव से शुरू हुआ, जहां डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने पर शिव सेना (शिंदे गुट) के पार्षदों ने विरोध जताया था। इसके बाद सपकाल द्वारा किए गए बचाव ने आग में घी डालने का काम किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस तुलना को "खेदजनक" बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज एक आराध्य देव हैं और उनकी विरासत की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती।
सपकाल की सफाई और बीजेपी पर आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक बयान में सपकाल ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना था. उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय संविधान की मूल पांडुलिपि में शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान सहित कई महापुरुषों के चित्र शामिल हैं.
- आस्था का सम्मान: सपकाल ने कहा, 'मेरा इरादा उन लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कभी नहीं था जो महाराज के प्रति श्रद्धा रखते हैं.'
- चुनावी एजेंडा: उन्होंने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर आरोप लगाया कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राज्य का ध्रुवीकरण करने के लिए उनके बयान का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: PM मोदी कल मुंबई दौरे पर, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से करेंगे मुलाकात, जानें मीटिंग का पूरा शेड्यूल और शहर में कैसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था
वर्तमान स्थिति
कांग्रेस अध्यक्ष की माफी के बाद पार्टी को उम्मीद है कि राज्य में जारी विरोध प्रदर्शनों में कमी आएगी. हालांकि, भाजपा और शिव सेना (शिंदे गुट) इस मुद्दे पर अब भी आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. पुलिस ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2026 06:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

