Shirdi Sai Baba Temple: शिर्डी के साईबाबा मंदिर में पुरे भारत से श्रद्धालु पहुंचते है. यहांपर लगी दुकानों से सामान और प्रसाद खरीदते है. लेकिन यहां की किसी भी वस्तु पर एमआरपी या एक्सपायरी नहीं होने की वजह से उनकी लुट होती है. दुकानदार मनमानी तरीके से रेट लगाकर श्रद्धालुओं के साथ जमकर लुट करते है. शिर्डी ही नहीं कई धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं के साथ इस तरीके से लुट की जाती है.
फुल, प्रसाद के नाम पर श्रद्धालुओं से मनमाने दाम वसूले जाते है और श्रद्धालु भी दर्शन करने आते है इसलिए वह ज्यादा इसको लेकर टेंशन भी नहीं लेते. इसका फायदा ये दुकानदार उठाते है और जमकर श्रद्धालुओं के साथ लुट होती है. लेकिन अब शिर्डी के साईबाबा के मंदिर परिसर की दुकानों को लेकर नगर परिषद ने एक निर्णय लिया है. बताया जा रहा है कि एक साल में शिर्डी में करीब 100 करोड़ रूपए का प्रसाद और फुल वितरण का बिज़नस होता है. इस न्यूज़ को etvbharat ने प्रकाशित किया है.ये भी पढ़े:Shirdi Sai Baba Punyatithi 2019 Live Aarti: शिरडी के साईं बाबा की 101वीं पुण्यतिथि पर घर बैठे पाएं दर्शन का लाभ, देखें काकड़ आरती, दर्शन और कार्यक्रमों का लाइव टेलीकास्ट
कमीशन एजेंट करता है लुट
शिरडी में मंदिर के आसपास फूल चढ़ाने की कई दुकानें लगाई गई हैं. इसमें दुकान मालिक रेवड़ी, मखाना, मीठे काजू, मुरमुरे, फूटाने, पेढे जैसी चीजें थोक में खरीदता है और भक्तों को छोटे-छोटे पैकेट में बेचता है. लेकिन इस पर कोई एमआरपी नहीं होती है.इसलिए, भक्तों को दुकान तक ले जाने वाला कमीशन एजेंट यानी पॉलिशवाला, ऊंची कीमत पर भक्तों को सामान बेचता है और इस तरीके से भक्तों को लूटा जाता है. बताया जा रहा है की रोजगार मिलने के लिए कमीशन एजेंट को लगाया गया था, लेकिन अब इन्होने श्रद्धालुओं से लुट शुरू कर दी है. बताया जा रहा है की 10 से 20 रूपए के प्रसाद के पैकेट 100 से 150 रूपए में बिक रहे है.
अब पैकेट पर देना होगा एमआरपी
अब प्रशासन ने श्रद्धालुओं को लुट से बचाने का रास्ता निकालने का फैसला किया है. शिरडी नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि पेड़ा प्रसाद जैसे सामान के पैकेट पर वजन, गुणवत्ता, एमआरपी और एक्सपायरी अनिवार्य की जाएगी.इसके लिए जांच की जा रही है और जल्द ही नीति तय की जायेगी. प्रसाद के पैकेट पर बड़े अक्षरों में एमआरपी अंकित होने पर श्रद्धालुओं को अधिक कीमत पर प्रसाद नहीं बेचा जा सकेगा.साथ ही शिरडी नगर पंचायत के मुख्य कार्यकारी सतीश दिघे ने कहा है कि एमआरपी नहीं लिखनेवाले दुकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि शिरडी आने वाले श्रद्धालु भक्तों को लूटा नहीं जाना चाहिए. इसके अलावा, एक मामूली अपेक्षा यह भी है कि उचित विनियमन के साथ-साथ एमआरपी और समाप्ति मानदंडों का पालन किया जाना चाहिए.













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