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Sensex Update: मंदी की सुगबुगाहट से शेयर बाजार में मचा कोहराम, सेंसेक्स 1,045 अंक टूटा

दुनिया के अधिकतर प्रमुख शेयर बाजार मंदी की सुगबुगाहट की आशंका के कारण गिरावट में रहे और घरेलू शेयर बाजार भी इसी रास्ते पर चलते हुए गुरुवार को चौतरफा बिकवाली के दबाव में चारों खाने चित्त हो गया. सर्वाधिक नुकसान धातु समूह की कंपनियों को उठाना पड़ा.

Sensex Update: मंदी की सुगबुगाहट से शेयर बाजार में मचा कोहराम, सेंसेक्स 1,045 अंक टूटा
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Photo Credits Wikimedia Commons)

मुम्बई, 16 जून : दुनिया के अधिकतर प्रमुख शेयर बाजार मंदी की सुगबुगाहट की आशंका के कारण गिरावट में रहे और घरेलू शेयर बाजार भी इसी रास्ते पर चलते हुए गुरुवार को चौतरफा बिकवाली के दबाव में चारों खाने चित्त हो गया. सर्वाधिक नुकसान धातु समूह की कंपनियों को उठाना पड़ा. बाजार विश्लेषकों के मुताबिक मंदी की आहट के साथ ही धातु की औद्योगिक मांग घटने की आशंका बढ़ गई है, जिसका असर धातु क्षेत्र की कंपनियों पर देखा जा सकता है. बीएसई में धातु समूह के सूचकांक में सर्वाधिक 5.48 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. एनएसई में भी सर्वाधिक गिरावट धातु समूह की कंपनियों में देखी गई. हिंडाल्को के शेयरों में सर्वाधिक 6.74 प्रतिशत और टाटा स्टील में सर्वाधिक 6.35 प्रतिशत की गिरावट रही.

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.99 प्रतिशत यानी 1,045.60 अंक की भारी गिरावट में 51,495.79 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स गुरुवार को तेजी में 53,018.91 अंक पर खुला. शुरूआती पहर में यह 53,142.50 अंक पर पहुंचा और इसके बाद पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा. सेंसेक्स कारोबार के दौरान 51,425.48 अंक के दिवस के निचले स्तर तक गोता लगाने के बाद कारोबार समाप्ति से पहले थोड़ा सा संभला. अंत में यह गत दिवस की तुलना में 1,045.60 अंक की गिरावट में बंद हुआ. यह भी पढ़ें : पैगंबर टिप्पणी: अदालत ने विरोध प्रदर्शन नियंत्रण से बाहर होने पर केंद्रीय बलों को बुलाने को कहा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी का हाल भी ऐसा ही रहा. निफ्टी 2.11 प्रतिशत यानी 331.55 अंक फिसलकर 15,360.60 अंक पर बंद हुआ. यह भी तेजी में 15,832.25 अंक पर खुला था और कारोबार के दौरान 15,863.15 अंक के दिवस के उच्चतम और 15,335.10 अंक के दिवस के निचले स्तर के बीच रहा. अंत में यह गत दिवस की तुलना में 331.55 अंक फिसलकर 15,360.60 अंक पर बंद हुआ. बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में 1994 के बाद सर्वाधिक 75 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने की घोषणा को निवेशक आने वाली मंदी से उबरने के उपाय के रूप में देख रहे हैं. विश्लेषकों का कहना है कि फेड रिजर्व ने न सिर्फ ब्याज दरों में इतनी भारी बढ़ोतरी की है बल्कि उसने साथ ही विकास दर अनुमान को भी घटाया है और महंगाई बढ़ने की चेतावनी दी है.

अमेरिका के बाद स्विस नेशल बैंक ने भी 15 साल के बाद पहली बार नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की हैं. स्विस नेशनल बैंक ने नीतिगत दरों में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की घोषणा की थी. सेंसेक्स में मात्र एक कंपनी नेस्ले इंडिया के शेयर हरे निशान में जगह बना पाये और शेष कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. टाटा स्टील में 6.04 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 4.37 प्रतिशत, भारती एयरटेल 4.11 और विप्रो में 4.04 प्रतिशत की गिरावट रही. बीएसई में दिग्गज कंपनियों के साथ मंझोली और छोटी कंपनियों में भी जबरदस्त बिकवाली रही. निफ्टी में हिंडाल्को के शेयरों में सर्वाधिक 6.74 प्रतिशत, टाटा स्टील में 6.35 प्रतिशत, ओएनजीसी में 5.42 प्रतिशत, कोल इंडिया में 5.39 प्रतिशत और टाटा मोटर्स में 5.10 प्रतिशत की गिरावट रही. निफ्टी में नेस्ले और ब्रिटानिया के शेयरों में तेजी रही.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2022 05:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).