Satara Doctor Suicide Case: सतारा डॉक्टर सुसाइड केस में आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने ने किया सरेंडर, सोमवार को कोर्ट में पेशी
महाराष्ट्र डॉक्टर सुसाइड केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. फरार चल रहे आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने रविवार को खुद फलटण पुलिस थाने में सरेंडर किया, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया. सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. गोपाल बदने पर महिला डॉक्टर से रेप करने का गंभीर आरोप है.
सतारा, 26 अक्टूबर : महाराष्ट्र डॉक्टर सुसाइड केस (Maharashtra Doctor Suicide Case) में बड़ा अपडेट सामने आया है. फरार चल रहे आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने (Gopal Badne) को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने रविवार को खुद फलटण पुलिस थाने में सरेंडर किया, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया. सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. गोपाल बदने पर महिला डॉक्टर से रेप करने का गंभीर आरोप है. इस पूरे मामले ने राज्यभर में सनसनी मचा दी थी. डॉक्टर की मौत के बाद पुलिस और विभागीय अधिकारियों पर सवाल उठने लगे थे. बढ़ते दबाव के बीच पुलिस विभाग ने आरोपी इंस्पेक्टर को पहले ही सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद वह कुछ दिनों से फरार चल रहा था.
इस केस में एक और आरोपी प्रशांत को भी पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. प्रशांत पर मृतक डॉक्टर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की जांच के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, मृतक महिला डॉक्टर ने कुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली थी. उसके सुसाइड नोट में आरोपी पुलिस अधिकारी का नाम सामने आया था, जिसके बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आया. यह भी पढ़ें : UP: मदरसे में 13 साल की छात्रा से मांगा ‘वर्जिनिटी सर्टिफिकेट’? सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने जताई हैरानी
यह मामला सतारा जिले के फलटण इलाके का है, जहां सरकारी अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर का शव गुरुवार रात एक होटल के कमरे में फंदे से लटका मिला. मौके से मिले चार पन्नों के सुसाइड नोट में डॉक्टर ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर चार बार रेप करने और मकान मालिक के बेटे प्रशांत बंकर पर मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगाया. डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि एक सांसद और उसके दो निजी सहायकों ने उस पर कई मामलों में आरोपी व्यक्तियों के लिए फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव डाला. डॉक्टर ने यह सब झेलते हुए 21 बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी.
सुसाइड नोट में उसने एक घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि जब उसने फर्जी सर्टिफिकेट देने से मना किया तो दो सहायकों ने उसे सांसद से फोन पर बात करने को कहा और उस बातचीत के दौरान सांसद ने उसे परोक्ष रूप से धमकी दी.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 26, 2025 09:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

