बीजेपी (BJP) की दिग्गज नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का 67 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में एम्स में निधन हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बुधवार को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सुषमा स्वराज के निधन से पूरा देश शोक के लहर में डूबा हुआ है. पाकिस्तान से करीब चार साल पहले भारत लौटी मूक-बधिर युवती गीता ने इशारों में में सुषमा स्वराज के निधन पर अपना दुख व्यक्त किया. गीता ने इशारों में कहा कि आज उन्होंने अपना अभिवावक खो दिया. एक मां की तरह गीता का ख्याल रखती सुषमा स्वराज.
सुषम स्वराज अक्सर समय मिलने पर वीडियो कॉलिंग के जरिये भी गीता से समय-समय पर बातचीत कर उसकी पढ़ाई की प्रगति के बारे में पूछती थीं. वहीं सुषमा स्वराज के निधन की खबर गीता को बुधवार सुबह दी गयी. वह तब से बेहद दु:खी है और रोये जा रही है. हम उसे ढांढ़स बंधा रहे हैं. गीता फिलहाल मध्यप्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय और नि:शक्त कल्याण विभाग की देख-रेख में इसी परिसर में रहकर पढ़ाई कर रही है.
#WATCH Indore: Geeta, the Indian girl who was brought back from Pakistan in 2015 when late Sushma Swaraj was External Affairs Minister, pays tribute. #MadhyaPradesh pic.twitter.com/OtksbYMpff
— ANI (@ANI) August 7, 2019
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पाकिस्तान से लौटी थी गीता
गीता सात-आठ साल की उम्र में पाकिस्तानी रेंजर्स को समझौता एक्सप्रेस में लाहौर रेलवे स्टेशन पर मिली थी. गलती से सरहद पार पहुंचने वाली यह लड़की भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विशेष प्रयासों के कारण गीता 26 अक्तूबर 2015 को स्वदेश लौटी. स्वराज ने 20 नवंबर को यहां मीडिया से बातचीत के दौरान गीता को "हिंदुस्तान की बेटी" बताते हुए स्पष्ट किया कि देश में उसके परिवारवाले मिलें या न मिलें, वह दोबारा पाकिस्तान कभी नहीं भेजी जायेगी. उसकी देखभाल भारत सरकार ही करेगी. जिसके बाद वह 26 अक्टूबर 2015 को स्वदेश लौट सकी थी. इसके अगले ही दिन उसे इंदौर में दिव्यांगों के लिये चलायी जा रही गैर सरकारी संस्था "मूक-बधिर संगठन" के आवासीय परिसर भेज दिया गया था.











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