Satara Doctor Death Case: सतारा जिले के फलटण में एक युवा महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत ने महाराष्ट्र की मेडिकल कम्युनिटी को झकझोर दिया है. 28 वर्षीय डॉ. संपदा मुंडे (Dr. Sampada Munde) जो फलटण उपजिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के रूप में तैनात थीं, ने 22 अक्टूबर को एक होटल रूम में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. उनके हथेली पर लिखे नोट में पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडणे और लैंडलॉर्ड प्रशांत बांकर के नाम थे, जिन पर बलात्कार और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया. इस घटना ने पूरे राज्य में डॉक्टरों के बीच आक्रोश फैला दिया और रेजिडेंट डॉक्टर अब राज्यव्यापी हड़ताल पर उतर आए हैं.
जीएमसी संभाजीनगर में डॉक्टरों का प्रदर्शन
चिकित्सा शिक्षा एवं औषध प्रशासन के तहत संभाजीनगर (औरंगाबाद) के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में रेजिडेंट डॉक्टरों ने कॉलेज के कैजुअल्टी बिल्डिंग के पास शांतिपूर्ण धरना और शोक सभा का आयोजन किया। सैकड़ों डॉक्टरों ने इसमें हिस्सा लिया और डॉ. मुंडे की मौत की कड़ी निंदा की, साथ ही अधिकारियों से निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की. यह भी पढ़े: Kerala Doctor Death Case: केरल में महिला डॉक्टर की हत्या के विरोध में चिकित्सकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत के विरोध में प्रदर्शन
Resident Doctors at GMC Sambhajinagar Join Statewide Protest Over Satara Doctor’s Tragic Incident
As part of the protest, the doctors organised a peaceful demonstration and condolence meeting near the college casualty building, condemning the incident and urging authorities to… pic.twitter.com/HK9RuEU4iO
— Free Press Journal (@fpjindia) November 3, 2025
आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल
महाराष्ट्र के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने 3 नवंबर यानी आज से से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है, MARDS, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (MSRDA), और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने मिलकर यह फैसला लिया.
हड़ताल के तहत आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी, जबकि इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी. मुंबई, नागपुर, पुणे और संभाजीनगर जैसे शहरों में कैंडल मार्च और धरने आयोजित किए जा रहे हैं.
डॉक्टरों की मांगें
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रिटायर्ड जज की निगरानी में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से मामले की जांच.
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आरोपी पुलिस अधिकारी और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जिन पर बलात्कार और आत्महत्या भड़काने के गंभीर आरोप हैं.
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डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानून लागू और कार्यस्थल पर उत्पीड़न (हरासमेंट) रोकने के ठोस उपाय.
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प्रभावित परिवार को तुरंत मुआवजा और हर संभव समर्थन प्रदान किया जाए.













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