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Religious Conversion: यूपी में पिछले 2 साल में धर्म परिवर्तन के आरोप में 833 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में पिछले दो वर्षों में धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2020 के तहत दर्ज 427 मामलों में कुल 833 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अब उसी मुद्दे पर प्रकाश डालने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी' की रिलीज के साथ फिर से चर्चा में है.

Religious Conversion: यूपी में पिछले 2 साल में धर्म परिवर्तन के आरोप में 833 गिरफ्तार
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits Pixabay)

लखनऊ, 11 मई: उत्तर प्रदेश में पिछले दो वर्षों में धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2020 के तहत दर्ज 427 मामलों में कुल 833 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अब उसी मुद्दे पर प्रकाश डालने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी' की रिलीज के साथ फिर से चर्चा में है. यह अधिनियम 27 नवंबर 2020 को उत्तर प्रदेश में लागू हुआ था. एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, 1 जनवरी 2021 से 30 अप्रैल 2023 के बीच राज्य में धर्मांतरण से संबंधित कम से कम 427 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 833 गिरफ्तारियांभी की गईं. यह भी पढ़ें : Karnataka Election 2023: महिला का वोट डालने के आरोप में मतदान अधिकारी गिरफ्तार

अब तक नाबालिगों के धर्मांतरण के 65 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें मेरठ जोन में 12, गोरखपुर में 10, बरेली में 9, आगरा में 5, लखनऊ व प्रयागराज में 4-4 और वाराणसी में दो मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 185 मामलों में पीड़ितों ने अदालत के सामने स्वीकार किया है कि उनका जबरन धर्मांतरण कराया गया था.

रिकॉर्ड के अनुसार, बरेली पुलिस क्षेत्र में सबसे अधिक 86 मामले दर्ज किए गए, उसके बाद गोरखपुर 59, लखनऊ 53, मेरठ 47, प्रयागराज 46 और वाराणसी 39 मामले दर्ज किए गए. पुलिस आयुक्तालयों में सबसे अधिक 20 मामले लखनऊ में दर्ज किए गए, इसके बाद कानपुर में 19, प्रयागराज में 13 और नोएडा में 10 मामले दर्ज किए गए.

गिरफ्तारी के मामले में, प्रयागराज जोन 163 गिरफ्तारियों के साथ सबसे ऊपर है. इसके बाद बरेली 137, लखनऊ 124, वाराणसी 101, गोरखपुर 81, मेरठ 65, आगरा 37 और कानपुर 21 गिरफ्तारियां की गई हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2023 04:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).