कोरोना जैसी महामारी की चेन तोड़ने के लिए लागू लॉकडाउन में भी शहर की सफाई न करना एक आउटसोर्सिग कंपनी को भारी पड़ गया. जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन की टीमों ने छापा मारा आरोपी कंपनी पर एक लाख रुपये का अर्थ-दंड लगा दिया. डीएम रामपुर ने फोन पर आईएएनएस को बताया, शिकायतें मिलने पर अधिशासी अधिकारी और सफाई नायक को तलब किया था. इसके बाद मौका-मुआयना के लिए वार्ड संख्या 14 और 25 में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता अचानक ही भेजे गये. औचक निरीक्षक में कई अनियमितताएं पाई गईं."
पता चला कि आउटसोर्सिग कंपनी कर्मचारी लंबे समय से दोनों वार्ड में सफाई ही नहीं कर रहे थे. साथ ही इलाके के लोग जब कर्मचारियों से सफाई को कहते, तो कर्मचारी पैसों की डिमांड कर देते. लिहाजा जांच में आरोप सही पाये जाने पर मौके पर ही दोषी आउटसोर्सिग कंपनी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड डाला गया है. साथ ही सफाई नायक से भी जबाब तलब किया गया है. जबकि अधिशासी अधिकारी कोकृत्य की पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी गई है.
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जिलाधिकारी ने कहा, एक लाख रुपये जो अर्थदंड कंपनी पर लगाया गया है उसे उसके मासिक भुगतान की रकम से दो किश्तों में काटा जायेगा.













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