भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) स्थित निजी संस्थान 'पीपुल्स यूनिवर्सिटी' (People's University) में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलेज प्रशासन को बम से उड़ाने की धमकी मिली. सुबह करीब 11 बजे कॉलेज के डीन के आधिकारिक ईमेल पर आए एक संदेश में दावा किया गया कि कैंपस की बिल्डिंग में 'सायनाइड बम' (Cyanide Bombs) लगाए गए हैं. इस सूचना के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पूरे परिसर को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया. यह भी पढ़ें: Kerala Shocker: केरल में प्रशासनिक लापरवाही ने ली जान, इडुक्की में सड़क किनारे खुले गड्ढे में गिरने से 27 वर्षीय युवक की मौत
ईमेल में गंभीर धमकियां और राजनीतिक जिक्र
यूनिवर्सिटी प्रबंधन को मिले इस संदिग्ध ईमेल की भाषा काफी चौंकाने वाली है. ईमेल भेजने वाले ने तमिलनाडु की राजनीति और वहां के पुलिस कांस्टेबलों के साथ हो रहे कथित व्यवहार का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई है. संदेश में लिखा था कि मदुरै में सक्रिय 'पाक 151 सेल' के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज को निशाना बनाया है और यहां दो आईईडी (IED) लगाए हैं, जिनमें सायनाइड गैस मौजूद है.
धमकी में यह भी कहा गया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हमलावर श्रीलंका में हुए ईस्टर सुसाइड अटैक की तर्ज पर कॉलेज के अंदर आकर खुद को उड़ा लेंगे. ईमेल में कुछ धार्मिक नारों का भी उल्लेख किया गया है.
बम की धमकी वाले मेल के बाद पीपुल्स यूनिवर्सिटी परिसर खाली कराया गया
#WATCH | Madhya Pradesh | Bhopal's People's University premises evacuated after bomb threat mail
Police says, "Our first focus is on searching the area. say BDDS team is also present. The mail originated from Tamil Nadu. All departments mentioned as targets in the mail have been… pic.twitter.com/IjeLKfUpxH
— ANI (@ANI) February 19, 2026
पुलिस और बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई
धमकी मिलने के तुरंत बाद निशातपुरा थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वाड के साथ मौके पर पहुंची. सुरक्षा कारणों से छात्रों और स्टाफ को तुरंत बिल्डिंग से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया. पुलिस बल ने कई घंटों तक कैंपस के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली.
जांच और साइबर सेल की सक्रियता
तलाशी के दौरान अब तक पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है. भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह किसी की शरारत या 'फेक थ्रेट' (झूठी धमकी) लग रही है. हालांकि, विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है.
भोपाल साइबर सेल अब उस ईमेल आईडी और सर्वर लोकेशन की तकनीकी जांच कर रही है, जिससे यह संदेश भेजा गया था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जी धमकी के पीछे किसका हाथ है और इसका उद्देश्य क्या था.












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