Kerala Shocker: केरल में प्रशासनिक लापरवाही ने ली जान, इडुक्की में सड़क किनारे खुले गड्ढे में गिरने से 27 वर्षीय युवक की मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

कोच्चि: केरल (Kerala) के इडुक्की जिले (Idukki District) के थोडुपुझा (Thodupuzha) क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है.  सोमवार, 16 फरवरी 2026 की देर शाम सड़क किनारे खुदे एक खुले और असुरक्षित गड्ढे में गिरने से 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान करुणापुरम (Karunapuram) निवासी जेयस बेनी (Jeys Benny) के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के अनुसार, जेयस बेनी देर शाम सड़क के किनारे पैदल जा रहे थे, तभी वे अचानक एक गहरे गड्ढे में जा गिरे. शोर सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें पास के अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क किनारे उपयोगिता कार्यों (Utility work) के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन उसके चारों ओर न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टिव टेप. शाम के वक्त इलाके में रोशनी कम होने के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दिया, जो इस हादसे का मुख्य कारण बना. यह भी पढ़ें: Bengaluru Shocker: कैब में सोता रह गया 4 साल का मासूम, हाई-टेक तकनीक की मदद से 60 मिनट के भीतर हुआ रेस्क्यू

प्रशासनिक लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा

हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और निजी ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि यह गड्ढा पिछले कई दिनों से बिना किसी सुरक्षा घेरे के खुला पड़ा था. निवासियों का दावा है कि उन्होंने पहले भी सड़क की खतरनाक स्थिति को लेकर शिकायतें की थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया.

प्रदर्शन कर रहे एक स्थानीय निवासी ने कहा, 'यह एक टलने वाला हादसा था.  वहां न रोशनी थी, न बाड़ और न ही कोई चेतावनी. अधिकारियों की बुनियादी लापरवाही की वजह से एक युवा जान चली गई.'

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

थोडुपुझा पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच से पता चला है कि केबल बिछाने या ड्रेनेज पाइप डालने के प्रोजेक्ट के तहत यह खुदाई की गई थी.

पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ठेकेदार ने सड़क किनारे निर्माण के लिए अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन किया था. पुलिस ने पुष्टि की है कि यदि लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया जाएगा.