राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर; IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, 48 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
राजस्थान में गर्मी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुंझुनूं जैसे इलाके शामिल हैं.
जयपुर: राजस्थान में गर्मी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुंझुनूं जैसे इलाके शामिल हैं. चेतावनी दी गई है कि आने वाले दिनों में यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. IMD वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर-बाड़मेर, बीकानेर, और शेखावाटी क्षेत्रों में गर्मी की लहर लगातार बनी हुई है.
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IMD वैज्ञानिक ने बताया कि पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में रिकॉर्ड किया गया जो कि 46.3 डिग्री सेल्सियस रहा. अगले 3 से 4 दिनों में तापमान और 1 से 2 डिग्री बढ़ सकता है, जिससे हालात और खराब हो सकते हैं.
गर्म रातें भी बनी चिंता का कारण
दिन के तापमान के साथ-साथ रातें भी असामान्य रूप से गर्म हो रही हैं. पूरे क्षेत्र में रात का तापमान सामान्य से 4–5 डिग्री अधिक है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है.
राहत की उम्मीद: आंधी और बारिश से बदलेगा मौसम
हालांकि राहत की एक हल्की उम्मीद भी मौसम विभाग ने जताई है. 23 मई से पूर्वी राजस्थान में और 24 से 26 मई के बीच पश्चिमी हिस्सों में तेज हवाओं, आंधी और हल्की बारिश की संभावना है. शर्मा ने कहा, "25 मई के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है."
अरब सागर में बन रहा चक्रवाती सिस्टम
इन सबके बीच दूसरी तरफ महाराष्ट्र में एक अलग ही मौसमीय संकट उभरता नजर आ रहा है. अरब सागर के पूर्व-मध्य क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना जताई गई है, जो 22 मई तक एक कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इससे 21 से 24 मई के बीच महाराष्ट्र के दक्षिण कोंकण, मराठवाड़ा और मुंबई में तेज बारिश और 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग की अधिकारी शुभांगी भुते ने कहा, “कुछ जगहों पर गर्जना के साथ भारी बारिश हो सकती है, जोकि फसलों और जनजीवन पर असर डाल सकती है.”
मानसून की जल्दी दस्तक की उम्मीद
इस बीच एक अच्छी खबर यह है कि भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के जल्द आगमन की संभावना जताई जा रही है. IMD के अनुसार, मानसून के 23 मई तक केरल पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य तिथि 1 जून से पहले है. अगर ऐसा होता है, तो यह 2009 के बाद सबसे जल्दी आने वाला मानसून होगा.
IMD ने बताया है कि 2025 के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है और इस बार एल-नीनो का प्रभाव नहीं देखने को मिलेगा, जो आमतौर पर बारिश को प्रभावित करता है.
क्यों अहम है मानसून?
भारत की 42% आबादी कृषि पर निर्भर है और मानसून उसका जीवन रेखा है. यह खेतों को पानी, पीने के जल स्रोतों और बिजली उत्पादन के लिए जरूरी जलाशयों को भरता है. ऐसे में मानसून का समय पर और सामान्य से अधिक आना, देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता – दोनों के लिए बेहद राहतभरा संकेत हो सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2025 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

