राहुल गांधी ने अमेरिका के डिप्लोमेट निकोलस बर्न्स से की चर्चा, इन मुद्दों पर की बात
पूर्व अमेरिकी राजनयिक निकोलस बर्न्स/ राहुल गांधी ( फोटो क्रेडिट- ANI)

पूर्व अमेरिकी राजनयिक निकोलस बर्न्स (Former US diplomat Nicholas Burns) से बात करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कई मुद्दों पर चर्चा की, इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि विभाजन वास्तव में देश को कमजोर करने वाला होता है. लेकिन विभाजन करने वाले लोग इसे देश की ताकत के रूप में दिखाते हैं. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकियों, मैक्सिकन और अन्य लोगों को बांटते हैं और इसी तरह से भारत में हिन्दूओं, मुस्लिमों और सिखों को बांटते हैं तो आप देश की नींव को कमजोर कर रहे होते हैं. लेकिन फिर देश की नींव को कमजोर करने वाले यही लोग खुद को राष्ट्रवादी कहते हैं. उन्होंने कहा कि देश की नींव को कमजोर करने वाले लोग खुद को राष्ट्रवादी कहते है.

राहुल गांधी ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध काफी हद तक लेन-देन को लेकर प्रासंगिक हो गया है. एक ऐसा संबंध जो शिक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य देखभाल जैसे कई मोर्चों पर बहुत व्यापक हुआ करता था, उसे अब मुख्य रूप से रक्षा पर केंद्रित कर दिया गया है. वहीं चर्चा के दौरान निकोलस बर्न्स ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय में परिपक्वता रही है और यह दोनों देशों के बीच गहरा नाता है. इसलिए मुझे बहुत उम्मीद है कि न केवल हमारी सरकारें बल्कि अमेरिका और भारत, हमारे समाज बहुत बारीकी से परस्पर जुड़े हुए हैं, संघटित हैं और यह एक बड़ी ताकत है.

ANI का ट्वीट:- 

उन्होंने कहा कि हमारा सैन्य संबंध बहुत मजबूत है. यदि आप बंगाल की खाड़ी और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका-भारत नौसेना और वायु सेना के परस्पर सहयोग के बारे में सोचें, तो हम वास्तव में एक साथ हैं और मुझे इसलिए ही उम्मीद है. बता दें कि निकोलस बर्नस राजनीतिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी और प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन और राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल के दौरान US विदेश विभाग के स्पोकपर्सन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.