Jhansi: विशालकाय अजगर ने बकरी को निगला, ग्रामीणों ने पीट पीटकर ली जान, झांसी जिले का वीडियो आया सामने; VIDEO
झांसी जिले के पुनावली गांव में एक दिल दहलानेवाली घटना सामने आई है. जहांपर एक 20 फीट अजगर ने एक बकरी को निगल लिया.
झांसी, उत्तर प्रदेश: झांसी जिले के पुनावली गांव में एक दिल दहलानेवाली घटना सामने आई है. जहांपर एक 20 फीट अजगर ने एक बकरी को निगल लिया. किसान जसवंत राजपूत अपने खेत पर बकरियां चरा रहा था. तभी खेत के पास मौजूद घनी झाड़ियों से करीब 20 फीट लंबा अजगर निकल आया और अचानक एक बकरी को दबोच लिया.जसवंत ने जैसे ही बकरी की चीख सुनी तो वह दौड़कर मौके पर पहुंचा. वहां का नजारा देखकर वह घबरा गया क्योंकि अजगर बकरी को जकड़कर निगलने की कोशिश कर रहा था.किसान ने शोर मचाया तो आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग भी लाठी-डंडे लेकर मदद के लिए पहुंचे. इसके बाद अजगर को लाठियों से पीटा गया. जब तक बकरी को छुड़ाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @bstvlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Python Swallows Goat: यूपी के बलरामपुर में 20 फुट के अजगर ने बकरी को निगलने के बाद उगल दिया, दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल
नहीं बची बकरी की जान
झांसी: पुनावली कला गांव में अजगर का आतंक
➡बकरी को 20 फीट लंबे अजगर ने निगल
➡बकरी बचाने की कोशिश में किसानों ने पीटा
➡विशालकाय अजगर को लाठी-डंडों से पीट
➡बकरी की मौत, अजगर भी हमले में ढेर
➡रक्सा थाना क्षेत्र की घटना #Jhansi #SnakeAttack #FarmersFight #Python… pic.twitter.com/3hqLTaxRDD
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) August 17, 2025
प्रयासों के बावजूद नहीं बची जान
ग्रामीणों ने मिलकर अजगर पर प्रहार किए ताकि बकरी को छुड़ाया जा सके, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. बकरी की मौत हो गई.लगातार प्रहार झेलने से अजगर की भी मौके पर ही मौत हो गई.
गांव में डर का माहौल
इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है. खेतों और नहर के किनारे इतने बड़े अजगर का मिलना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. गांव वालों ने बच्चों को खेतों और सुनसान इलाकों में जाने से मना कर दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2025 06:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

