Pune Alcohol Consumption: पुणे में शराब की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 2 वर्षों में बिकी 28.42 करोड़ लीटर, अवैध व्यापार भी बढ़ा
पुणे जिले में पिछले दो वर्षों में शराब की खपत में भारी उछाल आया है, जहां कुल 28.42 करोड़ लीटर शराब बेची गई. वहीं दूसरी ओर, प्रशासन अवैध शराब के बढ़ते कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है.
Pune Alcohol Consumption: महाराष्ट्र के पुणे जिले में शराब की खपत के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में जिले में कुल 28.42 करोड़ लीटर शराब की बिक्री दर्ज की गई है. जहां एक ओर कानूनी रूप से शराब की मांग बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन एजेंसियां अवैध शराब के बढ़ते कारोबार से निपटने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं.
बीयर बनी पुणेकरों की पहली पसंद
बिक्री के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पुणे में बीयर सबसे लोकप्रिय श्रेणी बनकर उभरी है. पिछले दो वर्षों में 12.04 करोड़ लीटर बीयर की बिक्री हुई है. इसके बाद विदेशी शराब (IMFL) 4.23 करोड़ लीटर और देसी शराब 3.52 करोड़ लीटर की खपत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रही. वहीं, वाइन की बिक्री 40.17 लाख लीटर दर्ज की गई. यह डेटा शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ब्रांडेड शराब और बीयर के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है. यह भी पढ़े: VIDEO: पुणे में शराब के नशे में कार ड्राइवर ने स्विग्गी डिलीवरी बॉय को मारी टक्कर, गंभीर रूप से घायल, परिवार का एकमात्र कमाने वाला था सदस्य
लाइसेंस और बार इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
पुणे में शराब के कारोबार के विस्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में अब तक कुल 4,000 शराब लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं. वर्तमान में लगभग 2,800 बार सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं. साल 2025 में प्रशासन ने 120 नए बार लाइसेंस जारी किए, जबकि नियमों के उल्लंघन के कारण 38 लाइसेंस रद्द भी किए गए.
अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई
कानूनी बिक्री में वृद्धि के साथ-साथ अवैध शराब के व्यापार में भी तेजी देखी गई है. आंकड़ों के मुताबिक:
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वर्ष 2024-25 में 3,158 मामले दर्ज किए गए और 2,552 गिरफ्तारियां हुईं.
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वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 3,700 मामलों तक पहुंच गई, जिसमें 3,452 लोग पकड़े गए.
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जब्त की गई अवैध शराब का मूल्य भी 14.91 करोड़ रुपये (2024-25) से बढ़कर 19.05 करोड़ रुपये (2025-26) हो गया है.
हॉटस्पॉट्स पर प्रशासन की नजर
आबकारी विभाग (पुणे डिवीजन) के अधीक्षक अतुल कानडे के अनुसार, दौंड, बारामती और खेड़ अवैध शराब व्यापार के प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं. उन्होंने बताया कि गोवा से आने वाली प्रतिबंधित शराब अक्सर इन क्षेत्रों में पकड़ी जाती है, जिसे संगठित नेटवर्क के माध्यम से ले जाया जाता है.
अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने 18 डिवीजनों में 21 समर्पित टीमें तैनात की हैं. प्रत्येक टीम में 10 अधिकारी शामिल हैं जो विशेष रूप से अवैध शराब और नशीले पदार्थों के व्यापार पर नजर रख रहे हैं.
गुणवत्ता की जांच और औचक छापेमारी
विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अधिकृत बार और रेस्तरां की भी नियमित जांच की जा रही है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि ग्राहकों को परोसी जाने वाली शराब असली है, विभाग रैंडम छापेमारी करता है और शराब के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जाते हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है.