Mumbai Local Train Update: मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली उपनगरीय रेलवे प्रणाली को अपनी पहली ऐसी गैर-वातानुकूलित (Non-AC) लोकल ट्रेन मिल गई है, जिसमें स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे (Automatic Sliding Doors) लगे हैं. चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में निर्मित यह 12-कार वाली नई ट्रेन सोमवार शाम कुर्ला कारशेड पहुंची. यह पहल यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
नई ट्रेन की तकनीकी और डिजाइन विशेषताएं
इस ट्रेन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को चलती ट्रेन से गिरने और अत्यधिक भीड़ के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाना है. यह ट्रेन आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस है, जिसमें दरवाजे बंद होने के बाद ही ट्रेन के चलने का इंटरलॉकिंग सिस्टम, सेंसर, और आपातकालीन स्थिति में ड्राइवर से बात करने के लिए 'टॉक-बैक' (Talk-back) सुविधा शामिल है. यह भी पढ़े: Mumbai Local Train Mega Block Update: मध्य, हार्बर और पश्चिम रेलवे पर 5 अप्रैल को रहेगा मुंबई लोकल ट्रेन का मेगा ब्लॉक, यात्रा से पहले चेक करें नया शेड्यूल
CPRO CPRO Swapnil Nila
Mumbai, Maharashtra: On Mumbai's first non-AC local train with Automatic closed doors, CPRO Swapnil Nila says, "The Minister had entrusted the ICF with the task of completing the registration and production of this rake as soon as possible. In this process, we have completed the… pic.twitter.com/qZT2LZin6S
— IANS (@ians_india) April 13, 2026
ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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वेंटिलेशन सिस्टम: नॉन-एसी होने के कारण वेंटिलेशन एक बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए इसमें छत पर लगे हाई-कैपेसिटी ब्लोअर्स (Roof-mounted blowers) लगाए गए हैं, जो प्रति घंटे 10,000 क्यूबिक मीटर ताजी हवा प्रवाहित करते हैं।
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डिजाइन: इसमें 1,900 मिमी चौड़ी स्लाइडिंग खिड़कियां और हवा के संचार के लिए विशेष 'लूव्ड' (Louvred) दरवाजे लगाए गए हैं.
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क्षमता: हालांकि इसमें सामान्य ट्रेनों की तुलना में सीटों की संख्या थोड़ी कम (1,003) है, लेकिन खड़े होने की जगह बढ़ने के कारण इसकी कुल क्षमता 5,600 यात्रियों तक पहुंच गई है.
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अन्य सुविधाएं: ट्रेन में बेहतर अग्नि शमन प्रणाली, यात्रियों के लिए सूचना डिस्प्ले और चार फर्स्ट क्लास के डिब्बे दिए गए हैं.
नेरुल-उरण कॉरिडोर पर शुरू होंगे परीक्षण
फिलहाल यह ट्रेन यात्री सेवा में नहीं उतारी जाएगी। सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन को पहले कड़े सुरक्षा परीक्षणों और 'ऑसिलेशन ट्रायल' से गुजरना होगा। इन सफल परीक्षणों के बाद, इसे सबसे कम भीड़भाड़ वाले 'नेरुल-उरण' कॉरिडोर पर ट्रायल के तौर पर चलाने की योजना है.
अधिकारियों का कहना है कि स्वचालित दरवाजों के कारण स्टेशनों पर रुकने का समय (Dwell time) थोड़ा बढ़ सकता है, जिसका आकलन भी ट्रायल के दौरान किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही इसे आम यात्रियों के लिए नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। यह नई पहल मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रा को सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है.













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