Priyanka Chaturvedi On BJP: प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहां- पश्चिम बंगाल की जनता का विश्वास ममता बनर्जी के साथ, भाजपा को नहीं मिलेगा फायदा
Priyanka Chaturvedi

नई दिल्ली, 31 जनवरी: शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें अमित शाह ने बंगाल सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2026 का साल टीएमसी को 'टाटा बाय-बाय' कहने का साल है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वो कुछ भी करेंगे, कोई फायदा नहीं होने वाला है. जनता का विश्वास ममता बनर्जी के साथ बना हुआ है. 'अमित शाह का सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए', TMC सांसद महुआ मोइत्रा के बिगड़े बोल

बैरकपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में हर तरह से प्रशासन फेल हो गया है. 2026 का साल टीएमसी को 'टाटा बाय-बाय' कहने का साल है. बंगाल की जनता टीएमसी को कम्युनिस्टों से मुक्ति पाने के लिए लाई थी. सच तो यह है कि टीएमसी ने तो कम्युनिस्टों को भी अच्छा कहलाने का काम कर दिया है.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें कम्युनिस्ट अच्छे लग रहे हैं, लेकिन उन्हें टीएमसी पसंद नहीं है. बंगाल के लोग बार-बार दिखाते हैं कि उनका भरोसा ममता बनर्जी और टीएमसी पर है. भाजपा अब रैलियां कर रही है और अपील कर रही है इस उम्मीद में कि किसी तरह सरकार बन जाए, लेकिन पश्चिम बंगाल में उनके प्रयास हमेशा नाकाम रहे हैं. अब एसआईआर के माध्यम से कुछ न कुछ करने का प्रयास कर रहे हैं. सर्वे में आ रहा है कि जनता का विश्वास ममता बनर्जी के साथ बना हुआ है.

केंद्रीय बजट पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाने वाला नौवां बजट होगा. एक महिला मंत्री के तौर पर उन्होंने देश के आर्थिक ढांचे की कमान संभाली है, इसलिए उम्मीद है कि यह बजट एक सच्चा केंद्रीय बजट होगा, जिस पर आने वाले चुनावों का कोई असर न हो. उन्होंने कहा कि लोगों की आमदनी नहीं बढ़ रही है, सिर्फ महंगाई बढ़ रही है. वित्त मंत्री उसे कैसे देखती हैं, इस पर देश की नजर रहेगी.

महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम के तौर पर सुनेत्रा पवार के शपथ लेने पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सुनेत्रा पवार मेरे साथ राज्यसभा में सांसद रही हैं और मैंने उनका काम देखा है. मैं उन्हें शुभकामनाएं देती हूं और उम्मीद करती हूं कि वह महाराष्ट्र के प्रति वही लगन और प्रतिबद्धता बनाए रखेंगी जो अजित पवार की थी और राज्य के लिए उनके सपनों और उम्मीदों को पूरा करेंगी. उनकी पार्टी ने इतनी जल्दी फैसला क्यों किया, मैं उसमें नहीं जाना चाहती हूं. बस उन्होंने जो दायित्व लिया है, उसे निभाएं.