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Train 18 में सवार होकर दिल्ली से बनारस तक सफर करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, इन जगहों पर करेंगे जनसभा को संबोधित

भारतीय रेल की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन 'ट्रेन 18' यानी वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से बनारस तक सफर करेंगे और इस दौरान वे कानपुर, इलाहाबाद और बनारस में जनसभाओं को संबोधित करेंगे.

Train 18 में सवार होकर दिल्ली से बनारस तक सफर करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, इन जगहों पर करेंगे जनसभा को संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रेन 18 (Photo Credits: PTI)

देश में मेक इन इंडिया (Make in India) के तहत बनाई गई भारतीय रेल (Indian Railway) की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन 'ट्रेन 18' (Train 18) यानी वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) में सवार होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) दिल्ली से बनारस (Delhi To Varanasi) तक सफर करेंगे और इस दौरान वे कानपुर, इलाहाबाद व बनारस में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. जानकारी के अनुसार, भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन 18 यानी वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के अवसर पर वो इस ट्रेन के एग्जीक्यूटिव चेयर कार में 8 घंटे तक सफर करेंगे. इस सफर के दौरान उनके साथ रेलवे के कुछ खास अधिकारी मौजूद रहेंगे.

ट्रेन 18 दिल्ली से चलेगी और सबसे पहले कानपुर में 40 मिनट तक रुकेगी, जहां पीएम मोदी एक जनसभा को संबोधित करेंगे. जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम फिर से इस ट्रेन में सवार होंगे और फिर यह ट्रेन इलाहाबाद में 40 मिनट तक रुकेगी, जहां मोदी फिर से एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इस जनसभा को संबोधित करने के बाद ट्रेन 18 से पीएम मोदी बनारस के लिए रवाना होंगे, जहां वो एक और जनसभा को संबोधित करेंगे. इन जगहों पर मोदी की जनसभाओं के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.

सूत्रों के अनुसार, संसद के मौजूद सत्र के समाप्त होते ही इस ट्रेन का उद्घाटन किया जाएगा. हालांकि संभावना यह भी जताई जा रही है कि पीएमओ इसके लिए अगर पहले समय दे दे तो यह ट्रेन उससे पहले भी चल सकती है, जिसके लिए रेलवे अपनी ओर से तैयारी भी कर रहा है. यह भी पढ़ें: मेक इन इंडिया के तहत निर्मित ट्रेन-18 का नाम बदलकर हुआ 'वंदे भारत एक्सप्रेस', रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया ऐलान

दरअसल, हाल ही में ट्रेन 18 का नाम बदलकर वंदे भारत एक्सप्रेस किया गया है. भारत की सबसे तेज चलने वाली इस ट्रेन को चेन्नई के रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है. इस ट्रेन की खासियत यह है कि इसमें शताब्दी एक्सप्रेस की तर्ज पर बैठने की व्यवस्था की गई है. ट्रेन-18 में अलग से कोई इंजन नहीं है. इस रेलगाड़ी के एक सेट में 16 डिब्बे लगे हैं. इसकी अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा है. ट्रेन-18 को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी ने 18 महीने में तैयार किया है. इस पर 97 करोड़ की लागत आई है.

ट्रेन की खासियत यह है कि इसमें मेट्रो की तर्ज पर यात्री डिब्बे के एक हिस्से में इंजन लगा हुआ है. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्री ड्राइवर केबिन को अंदर से देख सकते हैं. साथ ही ये ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसमें सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई, इंफोटेनमेंट समेत अन्य कई सुविधाएं भी हैं. यह भी पढ़ें: ट्रायल के दौरान 'ट्रेन 18' पर फिर फेंका गया पत्थर, खिड़की का शीशा टूटा

इसके प्रत्येक कोच में 52 सीट होगी, वहीं सामान्य कोच में 78 सीटें होंगी. 100 करोड़ की लागत वाली इस ट्रेन में यात्रा के दौरान वाई-फाई, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, स्पर्श मुक्त जैव शौचालय, एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और उपस्थित यात्रियों और मौसम के अनुसार तापमान को कम ज्यादा करने में सक्षम मौसम नियंत्रण प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2019 08:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).